अरदपुर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने मंगलवार को उत्तर बंगाल क्षेत्र में प्रवासी मजदूरों और स्थानीय श्रमिकों के साथ बैठक की। यह बैठक आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है। इससे पहले दिन में उन्होंने उत्तर दिनाजपुर के कालियागंज में रोड शो भी किया, जहां बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
रैलियों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने राज्य की तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) सरकार पर घुसपैठ और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अगर राज्य में भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) की सरकार बनती है तो बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग के लिए जरूरी जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।
अमित शाह ने चुनावी सभा में चेतावनी देते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता किसी भी तरह से मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश न करें। उन्होंने कहा, “मैं टीएमसी के सभी लोगों को चेतावनी देता हूं कि वे घर से बाहर न निकलें, नहीं तो 5 मई के बाद उनका खेल खत्म हो जाएगा।”
इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) पर आरोप लगाया कि वे राज्य में बहुसंख्यक समुदाय को डराने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में वर्षों से लोग रह रहे हैं और किसी को भी डराने का अधिकार नहीं है। उन्होंने मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा और रामनवमी के दौरान हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए।
अमित शाह ने यह भी कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आती है तो राज्य में बेहतर शासन सुनिश्चित किया जाएगा।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। इस चुनाव में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है।