कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है। इस बीच सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (All India Trinamool Congress) ने चुनाव आयोग (Election Commission of India) पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
टीएमसी ने मंगलवार को दावा किया कि चुनाव आयोग की ओर से पुलिस और अन्य अधिकारियों को कथित तौर पर निर्देश भेजे गए हैं, जिनमें पार्टी के नेताओं और उनके परिवारों के वाहनों की जांच और तलाशी लेने को कहा गया है।
पार्टी का आरोप है कि यह निर्देश व्हाट्सऐप ग्रुप्स के जरिए आयोग के अधीनस्थ अधिकारियों तक पहुंचाए गए, जिनमें टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) और उनकी पत्नी को विशेष रूप से निशाना बनाने की बात शामिल है।
टीएमसी ने यह भी कहा कि इन कथित निर्देशों के तहत पार्टी के चुनावी कार्यक्रमों और प्रचार अभियानों पर भी निगरानी और कार्रवाई का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, इन आरोपों पर चुनाव आयोग की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इसी बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने भी पहले एक बयान में दावा किया था कि उनकी भवानीपुर सीट से नामांकन रद्द करने के लिए “दो फर्जी हलफनामे” दाखिल किए गए थे। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची संशोधन पर भी सवाल उठाए थे।
ममता बनर्जी ने एसआईआर को लेकर आरोप लगाया था कि यह प्रक्रिया राजनीतिक रूप से प्रेरित है और इसका उद्देश्य विपक्षी वोटों को प्रभावित करना है। चुनावी माहौल जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज होते जा रहे हैं।