पटना: बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बुधवार को राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। यह जानकारी एक वरिष्ठ मंत्री ने दी।
उल्लेखनीय कि आज मंगलवार को सम्राट चौधरी को एनडीए विधायक दल का नेता चुना गया। इससे पहले जदयू प्रमुख नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। वे पिछले सप्ताह राज्यसभा सांसद बने थे।
केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि गठबंधन के सभी विधायकों की मौजूदगी में हुई बैठक में चौधरी को सर्वसम्मति से एनडीए विधायक दल का नेता चुना गया। वहीं बिहार के मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि बैठक के बाद यह तय हुआ कि सम्राट चौधरी बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस बैठक में नीतीश कुमार भी मौजूद थे।
बाद में सम्राट चौधरी ने कहा कि एनडीए विधायक दल की बैठक में उनके नाम का प्रस्ताव खुद नीतीश ने रखा और उन्हें अपना आशीर्वाद दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि बिहार के विकास की यात्रा लगातार आगे बढ़ेगी और एनडीए नेताओं के विश्वास के साथ राज्य को विकास, प्रगति और सुशासन की नई ऊंचाइयों पर ले जाया जाएगा।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी चौधरी को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और चौधरी के नेतृत्व में बिहार प्रगति, समृद्धि और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ेगा तथा ‘विकसित बिहार 2047’ के संकल्प को नई गति मिलेगी।
इससे पहले दिन में ही सम्राट चौधरी को भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया था। 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में भाजपा 89 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है। चौधरी ने करीब 12 साल तक राजद और जदयू में रहने के बाद 2017 में भाजपा का दामन थामा था।
बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश ने मंगलवार को राज्यपाल सैयद अता हसनैन को अपना इस्तीफा सौंप दिया। वे सम्राट चौधरी, जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और अन्य नेताओं के साथ लोक भवन पहुंचे थे। इससे पहले उन्होंने कैबिनेट भंग करने की सिफारिश भी की थी।
नीतीश ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने बिहार की जनता के लिए काफी काम किया है लेकिन अब मुख्यमंत्री पद छोड़ने का फैसला लिया है। उन्होंने भरोसा जताया कि नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा। बिहार विधानसभा में एनडीए के कुल 202 विधायक हैं, जिससे नई सरकार को स्पष्ट बहुमत हासिल है।