देश के 8 एयरपोर्ट पर फुल बॉडी स्कैनर (FBS) लगाने को ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) की मंजूरी मिल गयी है। अब तक कई एयरपोर्ट पर इसका ट्रायल किया जा चुका है जिसमें यात्रियों पर भी इसका इस्तेमाल किया गया था। लेकिन किसी भी एयरपोर्ट पर इसे अभी तक शुरू नहीं किया गया है।
लेकिन अब BCAS से ग्रीन सिग्नल मिल जाने के बाद जल्द ही इसे देश के 8 प्रमुख एयरपोर्ट पर शुरू कर दिया जाएगा। तो क्या फुल बॉडी स्कैनर की वजह से पहले के मुकाबले एयरपोर्ट पर अब ज्यादा समय लगने वाला है? कौन से 8 एयरपोर्ट पर इसका इस्तेमाल किया जाएगा?
बता दें, NBT की मीडिया रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से दावा किया गया है कि दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद समेत कई अन्य एयरपोर्ट्स पर इसका ट्रायल किया गया था। बताया जाता है कि बॉडी स्कैनर से रेडिएशन का खतरा होता है, इस वजह से इसे अब तक BCAS की मंजूरी नहीं मिली थी।
क्या रेडिएशन का खतरा होगा?
बताया जाता है कि अब तक जितने बॉडी स्कैनर का इस्तेमाल किया जाता था उसमें रेडिएशन का खतरा रहता था। इसलिए ऐसे बॉडी स्कैनर को बनाने का काम शुरू किया गया जिसमें साइड इफेक्ट कम हो और रेडिएशन का खतरा भी पहले के मुकाबले कम हो। खासतौर पर गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों की बात को ध्यान में रखते हुए कम रेडिएशन के खतरे वाले फुल बॉडी स्कैनर को बनाया गया।
क्या एयरपोर्ट पर लगेगा ज्यादा समय?
बिल्कुल नहीं। फुल बॉडी स्कैनर की वजह से एयरपोर्ट पर पहले के मुकाबले ज्यादा समय नहीं लगने वाला है। बताया जाता है कि इनसे होकर हर यात्री को नहीं गुजारा जाएगा। इसके लिए एयरपोर्ट पर अलग से 'FBS कॉरिडोर' बनाया जाएगा। इस कॉरिडोर से सिर्फ उन्हीं लोगों को गुजरने के लिए कहा जाएगा या उन्हीं यात्रियों को फुल बॉडी स्कैनर जांच की प्रक्रिया से गुजरना होगा, जिनकी जरूरत महसूस की जाएगी।
कौन-कौन से एयरपोर्ट पर लगेंगे स्कैनर?
दिल्ली
मुंबई
बेंगलुरु
चेन्नई
कोलकाता
हैदराबाद
अहमदाबाद
कोच्चि