संगीत की दुनिया को सुना करके आशा भोसले ने खामोशी की चादर ओढ़ ली है। रविवार को मुंबई की ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। उनके निधन से सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में फैंस के बीच शोक की लहर दौड़ गयी है। अपनी दिलकश आवाज से बुर्जुर्गों के साथ-साथ नई जेनरेशन के युवाओं के दिलों में भी उनकी एक खास जगह थी।
आशा भोसले की ख्याति सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी फैली हुई है। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लंदन के मैडम तुषाद म्यूजियम में उनकी आदमकद मोम की मूर्ति तक लगायी जा चुकी है।
वहीं बात अगर पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की करें, तो आशा भोसले के चाहने वालों की कमी पाकिस्तान में भी कम नहीं है। कई पाकिस्तानी हस्तियों ने भी सोशल मीडिया के जरिए आशा भोसले के निधन पर शोक व्यक्त किया। लेकिन पाकिस्तान में जितने लोग आशा भोसले से प्यार करते हैं, नफरत करने वालों की भी कमी नहीं है। आशा भोसले के निधन के बाद पाकिस्तान की सरकार ने कुछ ऐसा किया, जिसकी वजह से आप हैरान हुए बिना नहीं रह सकेंगे।
मीडिया चैनल को भेजा नोटिस
NDTV की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार पाकिस्तान की इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी संस्था पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी (PEMRA) ने देश की प्रमुख न्यूज़ चैनल जियो न्यूज़ को नोटिस थमाया है। मिली जानकारी के अनुसार इस बात की जानकारी पाकिस्तान के अखबार डॉन से मिली है। बताया गया है कि जियो न्यूज़ में आशा भोसले के निधन की खबर दिखाते समय भारतीय गानों और फिल्मों के विजुअल्स का इस्तेमाल किया गया है। इस कदम को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन माना जा रहा है।
PEMRA has issued a show-cause notice to Geo News for airing content related to the legendary subcontinent singer Asha Bhosle.
— Azhar Abbas (@AzharAbbas3) April 13, 2026
It has always been customary to revisit and celebrate the work of iconic artists when reporting on them. In fact, for an artist of Asha Bhosle’s stature,… pic.twitter.com/AuhFPyGZCL
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जियो न्यूज़ पर जानबुझकर पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाया गया है। बता दें, पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के अनुसार भारतीय कंटेंट दिखाने पर वहां रोक लगायी गयी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जियो न्यूज़ के प्रबंध निदेशक और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संपादकों और समाचार निदेशक संघ के अध्यक्ष अजहर अब्बास ने X पर इस बाबत एक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि प्रतिष्ठित कलाकार के बारे में रिपोर्टिंग करते समय उनके कार्यों को याद करना और उनका सम्मान करना हमेशा से हमारी परंपरा रही है।
वास्तव में, आशा भोसले जैसी महान कलाकार के लिए हमें उनके सदाबहार गानों को साझा करना चाहिए था, जितने हमने किए। लेकिन पाकिस्तान के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक PEMRA ने इसे प्रतिबंधित करने का विकल्प चुना है।
गौरतलब है कि पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2018 में देश के सभी टीवी चैनल्स पर भारतीय कंटेंट के प्रसारण पर प्रतिबंध लागू किया था। वहीं रविवार को जारी PEMRA के नोटिस में जियो न्यूज़ पर आशा भोसले के निधन की खबर के साथ-साथ भारतीय गाने और फिल्मों के विजुअल्स प्रसारित करने को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्टके फैसले का जानबूझकर उल्लंघन बताया गया है।