चेन्नईः चेन्नई में फिल्म ‘जना नायकन’ के लीक होने का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। इस बीच साउथ इंडियन फिल्म एडिटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपी ने साफ किया है कि इस पूरे विवाद में एडिटर्स की कोई भूमिका नहीं है।
जांच और गिरफ्तारियां
गोपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उनकी टीम पहले ही आंतरिक जांच कर चुकी है और अब तक इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने भरोसा जताया कि मुख्य अभियुक्त को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा क्योंकि पुलिस सक्रिय रूप से जांच में जुटी है।
आरोपों पर प्रतिक्रिया
गोपी ने फिल्म के एडिटर प्रदीप पर लगाए जा रहे आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि बिना सबूत किसी को दोषी ठहराना ठीक नहीं है क्योंकि जांच अभी जारी है। वहीं FEFSI के अध्यक्ष आर.के. सेल्वमणि ने निर्देशक आमिर के बयानों पर नाराजगी जताते हुए उनसे अपने आरोप वापस लेने को कहा।
पायरेसी पर चिंता
सेल्वमणि ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के तेजी से बढ़ते उपयोग के कारण इस तरह की घटनाएं बढ़ सकती हैं। फिल्म इंडस्ट्री में पायरेसी कोई नई समस्या नहीं है लेकिन इसे रोकने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
CBFC की सफाई
केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने भी अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि फिल्म का कंटेंट पूरी तरह पासवर्ड से सुरक्षित होता है और KDM केवल निर्माता के पास रहता है इसलिए बिना अनुमति फिल्म को एक्सेस करना संभव नहीं है।
विवाद और अपील
फिल्म के कुछ हिस्से ऑनलाइन लीक होने की खबरों के बाद इंडस्ट्री में नाराजगी है। कई बड़े कलाकारों ने पायरेसी के खिलाफ आवाज उठाई है। वहीं फिल्म के निर्माता KVN प्रोडक्शंस ने लोगों से अपील की है कि वे लीक कंटेंट न देखें और न ही उसे साझा करें। मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की आवश्यक है।
रिलीज पर असर
‘जना नायकन’ पहले पोंगल यानी 9 जनवरी को रिलीज होने वाली थी लेकिन अब इसमें देरी हो चुकी है और फैंस नई रिलीज डेट का इंतजार कर रहे हैं।