उत्तराखंड में चार धाम यात्रा के शुरू होने को लेकर जोरों से तैयारियां चल रही हैं। हालांकि अभी भी केदार घाटी से जो तस्वीरें आ रही हैं, उनमें बर्फ की मोटी परत साफ दिखाई दे रही है। लेकिन अब युद्धकालिन तत्परता के साथ बर्फ को हटाने और बाबा केदारनाथ के मंदिर तक का मार्ग साफ किया जा रहा है। 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया के दिन से केदारनाथ धाम के कपाट खोल दिए जाएंगे। उत्तराखंड सरकार ने मोबाइल फोन से लेकर हेलीकॉप्टर सेवा और VIP दर्शन तक के नए नियमों को जारी किया है।
आइए जान लेते हैं क्या कहते हैं नए नियम -
चार धाम यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण धाम केदरानाथ मंदिर को माना जाता है। भगवान महादेव का यह मंदिर न सिर्फ द्वादश ज्योतिर्लिंग बल्कि पंच केदार में भी शामिल है। इसके साथ ही छोटा चार धाम का भी यह एक अंग है। तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस साल उत्तराखंड प्रशासन ने कई नए नियम लागू किए हैं।
ETV भारत की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार केदारनाथ धाम में इस साल नए VIP दर्शन नियमों को लागू किया गया है। नए नियमों के मुताबिक अब सिर्फ उन्हें ही VIP दर्शन की सुविधा का लाभ मिलेगा जो सरकारी प्रोटोकॉल के तहत आते हैं। इसके अलावा अन्य सभी तीर्थ यात्रियों, फिर चाहे वह कोई सेलीब्रिटी ही क्यों न हो, उसे सामान्य श्रद्धालुओं की तरह लाइन में लगकर ही महादेव के दर्शन करने होंगे।
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बताया जाता है कि इसे प्रत्येक भक्त को एक समान अनुभव करवाने के लिए ही लागू किया गया है। इसके साथ ही इस नए नियम के लागू होने से उम्मीद की जा रही है कि सामान्य भक्तों के लिए महादेव का दर्शन करना अब पहले के मुकाबले थोड़ा आसान होने वाला है और इसमें कम समय लगने की संभावना भी जतायी गयी है।
हेलीकॉप्टर सेवा के बदले नियम
बताया जाता है कि अब केदार घाटी में हेलीकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध करवाने की अनुमति सिर्फ उन्हीं कंपनियों को मिलेगी जिनका दुर्घटना का कोई इतिहास नहीं रहा है। जिन हेलीकॉप्टर कंपनी की उड़ान में कभी भी दुर्घटना घटी हो, उन्हें हेली सेवाएं प्रदान करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही हेलीकॉप्टर को उड़ाने के लिए पायलट के पास कम से कम 750 घंटे का फ्लाइट अनुभव होना भी अनिवार्य किया गया है।
इसके साथ ही केदारनाथ मंदिर प्रबंधन और उत्तराखंड की सरकार ने मंदिर परिसर में मोबाइल फोन, फोटोग्राफी व व्लॉगिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। तीर्थ यात्रियों के मोबाइल को रखने के लिए लॉकर की व्यवस्था की जा रही है।