कड़ी सुरक्षा और राष्ट्रीय सम्मान के साथ आशा भोसले का अंतिम संस्कार सम्पन्न हो गया। उनके बेटे आनंद भोसले ने उन्हें मुखाग्नी दी। मुंबई के लोअर परेल में स्थित आशा भोसले के निवास स्थान से शिवाजी पार्क के लिए जब उनकी अंतिम यात्रा निकली तो सड़क के दोनों तरफ हजारों की तादाद में उनके चाहने वालों की भीड़ नजर आ रही थी।
हर किसी को बस उनकी एक झलक देखने की 'आशा' थी। उनकी अंतिम यात्रा के लिए गाड़ी को उनकी पसंदीदा सफेद और पीले रंगों के फूलों से सजाया गया था। आशा भोसले की अंतिम यात्रा में सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए थे।
आशा भोसले के मनपसंद सफेद-पीले फूलों से सजी गाड़ी में निकली अंतिम यात्रा ANI
आज (सोमवार) की सुबह आशा भोसले का पार्थिव शरीर उनके घर पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था। उनके घर पर बड़ी संख्या में सेलिब्रिटी पहुंचे। इसके साथ ही शिवाजी पार्क स्थित श्मशान घाट पर भी सेलिब्रिटी, गायक आदि पहुंचे जिन्होंने अपनी प्यारी आशा ताई को श्रद्धांजलि अर्पित की। आशा भोसले का निधन भारतीय संगीत जगत के लिए एक ऐसी शून्यता लेकर आया है, जिसे भरना संभवतः असंभव ही होगा।
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सोमवार को अभिनेता आमिर खान, विक्की कौशल, मनसे प्रमुख राज ठाकरे, बीएमसी की मेयर ऋतु तावड़े, भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद सिराज समेत आदि पहुंचे। इसके साथ ही भजन गायक अनूप जलोटा, गायक सुदेश भोसले, शान आदि भी श्मशान घाट पर पहुंचे जिन्होंने आशा ताई के सम्मान में कुछ लाइनें गुनगुनाई।
21 बंदूकों की सलामी ANI
इससे पहले आशा भोसले के घर पर उनको भावभीनी श्रद्धांजलि देने के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल जिश्नु देव वर्मा, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, क्रिकेट स्टार सचिन तेंदुलकर के अलावा और भी कई सेलीब्रिटी पहुंचे थे। आशा भोसले के पार्थिव शव को तिरंगे में लपेट कर उन्हें सलामी दी गयी। वही श्मशान भूमि पर 21 बंदूकों की सलामी के साथ पूरे राष्ट्रीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न किया गया।
आशा भोसले के निधन से उनका परिवार बेहद गमगीन नजर आ रहा है। उनके जाने का सबसे ज्यादा असर उनकी पोती जनाई भोसले (Zanai Bhosle) पर पड़ा है, जो लगातार आंसू बहा रही हैं। कई स्टार्स उन्हें गले लगाकर ढाढस बंधाते भी नजर आएं।
तिरंगे में लिपटी सुरों की मलिका आशा भोसले ANI
बता दें, सुरों की मल्लिका आशा भोसले का कल (12 अप्रैल 2026) को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया था। उन्हें शनिवार को दिल में संक्रमण की समस्या के साथ अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक मल्टी ऑर्गन फेल्योर की वजह से आशा भोसले का निधन हो गया। उनके बारे में सभी हेल्थ अपडेट उनकी पोती जनाई भोसले ही साझा कर रही थी। हालांकि उनके निधन की पुष्टि आशा भोसले के बेटे आनंद भोसले ने की थी।
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आशा भोसले का जन्म 8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली जिले में हुआ था। वह दीनानाथ मंगेशकर की बेटी थी। आशा और लता, दोनों बहनों ने मिलकर ही परिवार की जिम्मेदारी संभाली थी। 1943 में मराठी फिल्म 'माझा बाल' के लिए आशा भोसले ने अपना पहला प्लेबैक गाया था। वहीं 1948 में हिंदी फिल्म 'चुनरिया' के गीत 'सावन आया' के साथ उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा था।
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आशा भोसले ने अपने 4 दशक से भी लंबे कॅरियर में 12000 से ज्यादा गानों को 20 से ज्यादा भारतीय व विदेशी भाषाओं में आवाज दी थी। वहीं उन्होंने एक फिल्म 'माई' में अभिनय भी किया था, जिसमें उन्होंने अल्जाइमर से पीड़िता एक वृद्धा मां का किरदार निभाया था जिसे उसके बेटे ने घर से निकाल दिया है। इस फिल्म में आशा भोसले के साथ पद्मिनी कोल्हापुरी और राम कपूर भी नजर आए थे।