महज 8 दिनों बाद ही खुलने वाला दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway)। संभावना जतायी जा रही है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उत्तराखंड की राजधानी देहरादून को जोड़ने वाला यह इकोनॉमिक कॉरिडोर दोनों शहरों की दूरी को काफी कम कर देगा जिसका फायदा इस रास्ते से होकर आवाजाही करने वाले लोगों को मिलने वाला है।
दोनों शहरों के बीच की दूरी 251 किलोमीटर है जो इस एक्सप्रेसवे के खुलने से घटकर 210 किलोमीटर रह जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार इस एक्सप्रेसवे को 14 नवंबर को खोला जा सकता है। बताया जाता है कि पहले दिल्ली से देहरादून के बीच की 251 किलोमीटर की दूरी को तय करने में 4 घंटे से थोड़ा ज्यादा समय लगता था। वहीं दावा किया जा रहा है कि इस एक्सप्रेसवे के खुल जाने के बाद इस दूरी को तय करने में महज 2.5 घंटे का समय लगेगा। आइए आपको इस एक्सप्रेसवे के बारे में थोड़ा विस्तार से बता रहे हैं।
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एक्सप्रेसवे नहीं इकोनॉमिक कॉरिडोर
दिल्ली-देहरादून के बीच बने नए संपर्क पथ को भले ही एक्सप्रेसवे के नाम से जाना जा रहा हो लेकिन वास्तव में यह एक इकोनॉमिक कॉरिडोर है। यह किसी एक्सप्रेसवे की तरह हाई स्पीड रोड इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है बल्कि इसे दोनों शहरों को जोड़ने और आसपास के इलाके की आर्थिक उन्नति के लिए बनाया गया है। बताया जाता है कि इस एक्सप्रेसवे के खुल जाने से औद्योगिक विकास के साथ-साथ पर्यटन का भी विकास होगा और रोजगार के नए-नए मौके खुलेंगे।
क्या है रूट?
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर की शुरुआत पूर्वी दिल्ली में पांडव नगर और अक्षरधाम के पास से शुरू हो रहा है। यह गीता कॉलोनी, लोनी, बागपत, बड़ौत, शामली, सहारनपुर, गणेशपुर, डाट काली मंदिर से होकर देहरादून में आशारोड़ी चौक तक जाएगी।
खास बात है कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर राजाजी नेशनल पार्क के ऊपर से गुजर रहा है, जहां हाथियों की संख्या ज्यादा है। इस वजह से यहां लगभग 200 मीटर के दो एलीफेंट अंडरपास बनाए गए हैं और 6 डेडिकेटेड एनिमल क्रॉसिंग भी बनायी गयी है। यानी सड़क के नीचे से हाथियों का झुंड, हिरणों का झुंड सड़क पार करेगा, अगर आपकी किस्मत अच्छी हुई तो बाघ की दहाड़ या पूरे के पूरे बाघ के दर्शन भी आपको यहां हो सकते हैं और ऊपर से आपकी गाड़ी फर्राटे के साथ गुजरेगी।
पूरे रूट में 10 बड़े ब्रिज, 2 रेलवे ओवर ब्रिज, 7 इंटरचेंज और 14 यात्री सुविधाएं बनायी गयी हैं। एक्सप्रेसवे के जिस हिस्से को एलिवेटेड बनाया गया है वहां साउंड बेरियर बनाए गए हैं ताकि गाड़ियों की आवाजाही से होने वाले शोर से जानवरों को कोई परेशानी न हो।
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कितना लगेगा टोल टैक्स?
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर 14 अप्रैल से आम जनता के लिए खोल दिया जा सकता है।
Times Now की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कार या एसयूवी का (दिल्ली-देहरादून या देहरादून-दिल्ली) टोल टैक्स ₹675 लगेगा। अगर आप 24 घंटे के अंदर वापसी करते हैं तो दोनों तरफ का टोल टैक्स कुल मिलाकर ₹1010 होगा। दिल्ली में अक्षरधाम से लोनी बॉर्डर तक 18 किमी तक का हिस्सा टोल फ्री है। दिल्ली की तरफ से पहला टोल प्लाजा लोनी बॉर्डर के पास उत्तर प्रदेश में होगा। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर टोल कलेक्शन FASTag से ऑटोमेटेड होगा।