त्वचा की देखभाल केवल महंगे प्रोडक्ट इस्तेमाल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समझना भी उतना ही जरूरी है कि कौन-सा प्रोडक्ट कब लगाया जाए।
विशेषज्ञों के अनुसार स्किन केयर उत्पादों पर दिए गए निर्देश किसी प्रचार का हिस्सा नहीं, बल्कि वैज्ञानिक आधार पर तैयार किए जाते हैं। त्वचा का अपना एक जैविक समयचक्र होता है, जिसके अनुसार सही समय पर सही प्रोडक्ट लगाने से बेहतर परिणाम मिलते हैं।
सुबह की देखभाल : सुरक्षा के लिए सबसे जरूरी
सुबह के समय त्वचा धूल, प्रदूषण और सूरज की हानिकारक किरणों के संपर्क में सबसे अधिक रहती है। ऐसे में त्वचा को बाहरी नुकसान से बचाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। विशेषज्ञ सुबह के रूटीन में विटामिन C सीरम और सनस्क्रीन को आवश्यक मानते हैं। इसके साथ ही हल्का मॉइस्चराइजर लगाने की सलाह दी जाती है, ताकि त्वचा में पूरे दिन नमी बनी रहे।
दोपहर में बढ़ती तैलीयता की वजह
सुबह से दोपहर आते आते सूर्य की किरणें काफी तेज हो जाती है और पसीने की समस्या भी बढ़ती है, जो त्वचा में तेलीयता का मूल कारण बनती है। खासकर तैलीय त्वचा वालों में यह समस्या ज्यादातर देखने को मिलती है। हालांकि इस दौरान पूरा स्किन केयर रूटीन फॉलो करना आसान नहीं होता, लेकिन विशेषज्ञ हर दो घंटे में सनस्क्रीन दोबारा लगाने की सलाह देते हैं, विशेषकर जब आप बाहर हों।
रात का समय : त्वचा की मरम्मत का मौका
रात में त्वचा खुद को रिपेयर और रीजेनेरेट करने का काम करती है। इसी दौरान नई कोशिकाओं का निर्माण और त्वचा की परत का पुनर्निर्माण होता है। इसलिए उपचार से जुड़े प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल रात में करना ज्यादा प्रभावी माना जाता है। रेटिनॉयड, सैलिसिलिक एसिड, नियासिनामाइड, AHA और BHA जैसे तत्व त्वचा की गुणवत्ता सुधारने और चमक बढ़ाने में मददगार होते हैं। साथ ही हायलूरोनिक एसिड जैसे तत्व त्वचा की नमी बनाए रखने में सहायक होते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर स्किन केयर रूटीन को समय और जरूरत के अनुसार व्यवस्थित किया जाए, तो त्वचा लंबे समय तक स्वस्थ और चमकदार बनी रह सकती है।