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‘कोई ईंधन संकट नहीं’-नितिन गडकरी, साझा की सरकार की नई पहलें

वैकल्पिक ऊर्जा और स्थानीय उत्पादन पर जोर, 22 लाख करोड़ रुपये की ईंधन आयात बचत की रणनीति। एथेनॉल और इलेक्ट्रिक वाहनों से बढ़ेगा आत्मनिर्भर भारत।

By श्वेता सिंह

Apr 02, 2026 18:23 IST

गुवाहाटीः केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने गुरुवार को कहा कि देश में “गैस या ईंधन की कोई कमी नहीं” है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने ऐसे कई उपाय अपनाए हैं जिससे जनता को ईंधन संकट का सामना न करना पड़े, भले ही पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ रहा हो।

गडकरी ने माना कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए 86 प्रतिशत ऊर्जा आयात करता है। हालांकि उन्होंने दावा किया कि सरकार ने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के तहत वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत अपनाने और निर्यात बढ़ाने पर काम किया है। उन्होंने कहा,"हमने इलेक्ट्रिक कार, इलेक्ट्रिक स्कूटर और इलेक्ट्रिक बसें लाई हैं। हाइड्रोजन पर काम चल रहा है। एथेनॉल वाहन भी आ रहे हैं, 100 प्रतिशत एथेनॉल पर चलने वाले वाहन तैयार किए जा रहे हैं।"

केंद्र की प्राथमिकताएं और रणनीति

नितिन गडकरी ने बताया कि सरकार स्थानीय और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों जैसे एथेनॉल और बिजली पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा,"आज हम 22 लाख करोड़ रुपये का खर्च फॉसिल फ्यूल के आयात पार कर रहे हैं। अब हम सोलर पावर, इलेक्ट्रिक ट्रक, बस और स्कूटर के उत्पादन और बिक्री में 40-50 प्रतिशत की वृद्धि देख रहे हैं।

असम के नुमालीगढ़ में बांस और घास से आधारित बायोएथेनॉल प्लांट स्थापित किया गया है। पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाया जा रहा है। एथेनॉल आधारित ट्रक और कारें जल्द बाजार में आएंगी।" उन्होंने कहा कि केंद्र की नीति आयात-प्रतिस्थापन, लागत-कुशल, प्रदूषण-मुक्त और स्वदेशी ऊर्जा विकल्पों पर आधारित है और इससे किसानों को भी लाभ पहुंचेगा।

ईंधन आपूर्ति की स्थिरता और वैश्विक स्थिति

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि भारत की क्रूड ऑयल स्टॉक पर्याप्त हैं और अगले दो महीनों के लिए पर्याप्त आपूर्ति सुरक्षित है। उन्होंने कहा, "हमारे रिफाइनरियां उच्चतम स्तर पर काम कर रही हैं और रिटेल आउटलेट पर किसी भी तरह की कमी की रिपोर्ट नहीं है।"

वैश्विक कीमतों पर उन्होंने कहा कि दो महीने पहले ब्रेंट क्रूड 70 डॉलर प्रति बैरल पर था, जो अब 100 डॉलर प्रति बैरल पार कर गया है। इसके बावजूद घरेलू पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई।

यह वैश्विक ईंधन और LPG संकट ईरान द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण कड़े करने के बाद उत्पन्न हुआ। भारत ने अपने जहाजों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक अनुमति भी प्राप्त कर ली है।

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