रायपुर : बस्तर संभाग में नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पिछले 31 दिनों में कुल 170 माओवादी कैडर मुख्यधारा में लौट आए हैं। इनमें बस्तर क्षेत्र के वरिष्ठ माओवादी नेता डीकेएसजेडसीएम पपराव और कई डीवीसीएम स्तर के सदस्य भी शामिल हैं। यह जानकारी बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक पी सुंदरराज पाटिलिंगम ने दी।
सुरक्षा बलों को इस दौरान बड़ी मात्रा में हथियार भी मिले हैं। कुल 343 से अधिक हथियार बरामद हुए हैं। इनमें एके-47, इंसास, एसएलआर, बीजीएल लॉन्चर और एलएमजी शामिल हैं। इससे माओवादियों की लड़ाकू क्षमता लगभग खत्म हो गई है।
पिछले एक महीने में 6.75 करोड़ रुपये नकद और 8 किलोग्राम सोना भी बरामद किया गया है। इस सोने की कीमत 12 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। इससे साफ है कि माओवादियों के आर्थिक स्रोत भी कमजोर हो रहे हैं।
पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज ने कहा कि मिशन 2026 के तहत बस्तर में बड़ा बदलाव दिख रहा है। जो इलाका लंबे समय तक हिंसा और डर के साये में था वह अब शांति और विकास की ओर बढ़ रहा है। सुरक्षा बल, प्रशासन और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से बस्तर लगभग नक्सल मुक्त होने की स्थिति में पहुंच गया है।
‘पुनर्वास के जरिए पुनर्समावेशन’ योजना के तहत बड़ी संख्या में भटके हुए नक्सली हिंसा छोड़कर सामान्य जीवन अपना रहे हैं। पिछले 27 महीनों में 2700 से अधिक नक्सलियों का पुनर्वास किया जा चुका है।
लगातार अभियान, आत्मसमर्पण और हथियारों की बरामदगी से नक्सली संगठन की संरचना कमजोर हो गई है। सरकार ने 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। बस्तर अब इस लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है।