नई दिल्ली : इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की लगातार बढ़ती लोकप्रियता के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या भविष्य में इस प्रतियोगिता में टीमों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इस विषय पर आईपीएल के अध्यक्ष अरुण धूमल ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि फिलहाल बिना ठोस तैयारी के कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा।
आईपीएल आज विश्व के सबसे लोकप्रिय खेल आयोजनों में शामिल हो चुका है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के विश्व कप के बाद इसे वैश्विक स्तर पर दूसरी सबसे अधिक देखी जाने वाली प्रतियोगिता माना जाता है। मात्र 19 वर्षों में इस लीग ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। वर्ष 2026 के उद्घाटन मुकाबले में बेंगलुरु की टीम और हैदराबाद की टीम के बीच खेले गए मैच को जियो हॉट स्टार मंच पर 42.6 करोड़ से अधिक दर्शकों ने देखा, जो बीस ओवर के विश्व कप के अधिकांश मुकाबलों से भी अधिक है।
भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड पहले ही आईपीएल में मैचों की संख्या बढ़ाने की योजना बना चुका था। योजना के अनुसार 2023-24 में 74 मैच, 2025-26 में 84 और 2027 तक 94 मैच कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के भविष्य दौरा कार्यक्रम के कारण यह योजना फिलहाल लागू नहीं हो सकी है। वर्तमान में आईपीएल 74 मैचों तक ही सीमित है।
अरुण धूमल ने कहा कि मैचों की संख्या बढ़ाने के लिए बड़े समय-खंड की आवश्यकता है लेकिन अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम पहले से ही अत्यधिक व्यस्त है। मार्च के मध्य से मई के अंत तक ही आईपीएल के लिए समय उपलब्ध होता है। जून में देश के अधिकांश हिस्सों में वर्षा ऋतु आरंभ हो जाती है जिससे प्रतियोगिता को आगे बढ़ाना संभव नहीं है। इसके अलावा एक ही दिन में दो मुकाबलों की संख्या बढ़ाने पर प्रसारणकर्ताओं को भी आपत्ति रहती है क्योंकि दोपहर के मुकाबलों में दर्शकों की संख्या अपेक्षाकृत कम होती है।
टीमों की संख्या बढ़ाने के प्रश्न पर धूमल ने कहा कि निवेशकों की रुचि अवश्य है लेकिन गुणवत्ता और व्यावहारिकता से समझौता नहीं किया जाएगा। वर्ष 2022 में गुजरात और लखनऊ की टीमों के जुड़ने के बाद कुल टीमों की संख्या 10 हो गई थी।
फिलहाल भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड का ध्यान पहले मैचों की संख्या बढ़ाने पर है। समय की कमी सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। ऐसे में इस प्रतियोगिता में किसी बड़े परिवर्तन की संभावना वर्ष 2028 के बाद ही दिखाई दे रही है।