गुवाहाटीः असम के लोगों में रंगाली बिहू को लेकर उत्साह का माहौल है, जो इस साल विधानसभा चुनावों के करीब आते ही और भी खास बन गया है। इस त्योहार के साथ ही लोग लोकतंत्र के महापर्व यानी चुनाव में भी सक्रिय भागीदारी की तैयारी में हैं।
बिहू नृत्य कोच ड्रीमली गोगोई ने कहा, "लोग इन दोनों सबसे बड़े उत्सवों में हिस्सा लेने के लिए उत्साहित हैं – एक लोकतंत्र का महापर्व और दूसरा असम की संस्कृति और धरोहर का महापर्व। रंगाली बिहू, असम का सबसे बड़ा त्योहार, मनाने की तैयारी शुरू हो गई है।"
गुवाहाटी में आयोजित चांदमारी मैदान की बिहू डांस वर्कशॉप में 30 मार्च से लगभग 500 लड़के और लड़कियों ने भाग लिया है। यह वर्कशॉप 10 अप्रैल तक चलेगी।
सिमंता ठाकुरिया, जनरल सेक्रेटरी ने कहा,"चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया है और हमें इसमें भाग लेना चाहिए। वहीं बिहू हमारी आत्मा है, इसे हर साल मनाना चाहिए। चुनाव के साथ-साथ हमें अपनी संस्कृति को भी संरक्षित करना चाहिए।" वर्कशॉप के कोच और प्रतिभागी दोनों ही इस पहल में भाग लेकर प्रसन्न हैं।
रंगाली बिहू, जिसे बिहग बिहू या सात बिहू भी कहा जाता है, असम में हर साल असामी नया साल और वसंत उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस साल यह 14 अप्रैल से शुरू होगा।
वहीं, असम विधानसभा में 126 सीटों पर मुकाबला है। वर्तमान में भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में तीसरी लगातार बार सत्ता कायम रखने की कोशिश करेगी जबकि कांग्रेस विपक्ष के रूप में सत्ता में लौटने का प्रयास करेगी।