पिछले कई दिनों में तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) ने जिलों में चुनाव प्रचार को काफी तेज कर दिया है। गुरुवार को उन्होंने कांथी संगठनात्मक जिले के नेताओं के साथ अलग बैठक की। लोकसभा चुनाव में इस क्षेत्र में तृणमूल का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था।
अभिषेक बनर्जी ने पार्टी की आंतरिक मतभेद खत्म कर अगले 20–25 दिनों में इस क्षेत्र से तृणमूल प्रत्याशियों को जिताने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंकने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही उन्होंने ग्राम पंचायत प्रधान और उपप्रधानों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
तृणमूल सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक इस बैठक में अभिषेक बनर्जी ने साफ कर दिया कि पार्टी में पद पर बने रहने का अब एक ही पैमाना है - परफॉर्मेंस। उन्होंने कहा कि अगर आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे तो पार्टी आपको पुरस्कृत करेगी। जो क्षेत्रीय अध्यक्ष काम नहीं करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। सिर्फ क्षेत्री अध्यक्ष ही नहीं बल्कि इस बार प्रधान और उपप्रधानों के खिलाफ भी कदम उठाए जाएंगे।
कांथी संगठनात्मक जिले में कुल 8 विधानसभा सीटें हैं। इन सभी सीटों पर तृणमूल बेहतर परिणाम हासिल करना चाहती है। खेजुरी विधानसभा सीट पर तृणमूल के उम्मीदवार रॉबिन चंद्र मंडल नए हैं। उम्मीदवारों की सूची जारी होने से पहले ही दीवारों लेखन का काम शुरू कर दिया गया था। वहीं चंडीपुर विधानसभा सीट से तृणमूल के उम्मीदवार उत्तम बारिक हैं जो वर्तमान में जिला परिषद के अध्यक्ष हैं। उन्होंने 2021 के चुनाव में पटाशपुर विधानसभा सीट से जीत हासिल की थी लेकिन इस बार उनकी सीट बदल दी गई है।
ऐसे कई मामलों में उम्मीदवारों को लेकर कुछ असंतोष देखा जा रहा है। इसके जवाब में अभिषेक बनर्जी ने कहा कि पार्टी ने जिसे उम्मीदवार बनाया है, चाहे मुझे पसंद हो या न हो, उसे जिताना हमारी जिम्मेदारी है। मान-मर्यादा और अहंकार के लिए कोई जगह नहीं है।
बैठक में सांसद ने कहा कि पूर्व मेदिनीपुर में शायद हमारी कमजोरी की वजह से ही लोकसभा में परिणाम अच्छे नहीं आए। पार्टी किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी पर नहीं चलती। किसी वार्ड, बूथ या पंचायत में हमारी कमजोरी कहां है, इसे ढूंढ कर विश्लेषण करना होगा। अगले 20–25 दिनों में हमें अपनी पूरी ताकत झोंककर लड़ना होगा।