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Bengal Election: शुभेंदु अधिकारी के नामांकन पर तृणमूल का विरोध प्रदर्शन, भवानीपुर बना सियासी अखाड़ा

रोड शो से लेकर नामांकन तक भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, बाहर झड़प से तनावपूर्ण हुआ माहौल।

By श्वेता सिंह

Apr 02, 2026 15:43 IST

कोलकाताः भवानीपुर सीट पर सियासी मुकाबला तेज हो गया है। गुरुवार को भाजपा उम्मीदवार और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) भी मौजूद रहे, जिससे पूरे कार्यक्रम का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया।

नामांकन दाखिल करने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने अमित शाह को प्रणाम किया। शाह ने भी पूरे कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई और भाजपा के इस अभियान को मजबूती देने का संदेश दिया।

नामांकन से पहले हाजरा मोड़ पर भाजपा की एक बड़ी सभा आयोजित की गई, जिसमें अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। सभा के बाद एक विशाल रोड शो निकाला गया, जो शहर के प्रमुख इलाकों से गुजरते हुए सर्वे बिल्डिंग तक पहुंचा, जहां नामांकन की प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा समर्थक सड़कों पर मौजूद रहे।

हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बीच भवानीपुर में तनाव भी देखने को मिला। सर्वे बिल्डिंग के बाहर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा और तृणमूल समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो बाद में झड़प में बदल गई।

भाजपा की ओर से आरोप लगाया गया कि तृणमूल समर्थकों ने उनके कार्यकर्ताओं पर हमला किया, जिसमें एक कार्यकर्ता घायल हो गया और उसकी आंख पर चोट आई। इस घटना के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों को मौके पर तैनात किया गया, जिसके बाद हालात काबू में आए।

भाजपा ने शुभेंदु अधिकारी के नामांकन को एक बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में पेश किया। पार्टी की रणनीति साफ तौर पर भवानीपुर सीट को हाई-प्रोफाइल मुकाबले में बदलने की है। यह सीट इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यहां से मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी चुनाव लड़ती रही हैं।

हाजरा मोड़ की सभा में अमित शाह ने घोषणा की कि वह चुनाव से पहले 15 दिनों तक पश्चिम बंगाल में रहेंगे। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें राज्य के लोगों के बीच जाने और पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने का अवसर मिलेगा।

भवानीपुर में नामांकन के दौरान हुए विरोध और झड़प ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में यह सीट राज्य की राजनीति का केंद्र बनी रहेगी। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर ने इस मुकाबले को और अधिक रोचक और तनावपूर्ण बना दिया है।

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