बालुरघाटः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में दक्षिण दिनाजपुर जिले का चुनावी मैदान गर्म हो गया है। मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बंद्योपाध्याय बालुरघाट और उत्तर दिनाजपुर के करणदिघि में चुनावी सभाओं को संबोधित करने पहुंचे। उन्होंने भाजपा और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार के कामकाज पर जमकर सवाल उठाए।
बालुरघाट में अभिषेक का सवाल - विकास पर आरोप
बालुरघाट की सभा में अभिषेक बनर्जी ने कहा कि पिछले सात साल से जिले का सांसद रहे केंद्रीय मंत्री, लेकिन इलाके में कोई महत्वपूर्ण विकास कार्य नहीं हुए। उन्होंने विशेष रूप से केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना और राष्ट्रीय राजमार्ग के विस्तार को लेकर सवाल उठाया।
अभिषेक ने कहा, "लंबे समय से बालुरघाट के लोग केंद्रीय विश्वविद्यालय की मांग कर रहे हैं। हालांकि भाजपा ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। राष्ट्रीय सड़क विस्तार और अन्य स्थानीय विकास के मुद्दों पर सुकांत मजूमदार संसद में कभी सक्रिय नहीं हुए।" उन्होंने यह भी घोषणा की कि यदि तृणमूल बालुरघाट में जीतती है, तो बालुरघाट जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में बदलने के काम में प्राथमिकता दी जाएगी।
सुकांत मजूमदार का पलटवार
सुकांत मजूमदार ने अभिषेक बनर्जी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि उनके नाम का बार-बार उल्लेख राजनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा, "अभिषेक ने अपनी सभा में मेरा नाम 12–14 बार लिया। दक्षिण दिनाजपुर में सुकांत मजूमदार का नाम लिए बिना राजनीति करना मुश्किल है। पांच साल पहले उन्होंने मेडिकल कॉलेज बनने की बात कही थी, अब हम इसे बनायेंगे।"
सुकांत मजूमदार ने अभिषेक बनर्जी के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि तृणमूल के वादों के बावजूद अब भी उन्हें कार्यवाही शुरू करनी होगी और उनके कार्यकाल में शुरू किए गए कई प्रोजेक्ट्स अभी भी लंबित हैं।
करणदिघि में आरोप और खंडन
उत्तरी दिनाजपुर के करणदिघि में अभिषेक बनर्जी ने भाजपा के प्रत्याशी और उनके परिवार पर आरोप लगाया कि वे मादक पदार्थों के कारोबार में शामिल हैं। भाजपा प्रत्याशी विराज विश्वास ने इन आरोपों को खारिज किया और कहा, "अभिषेक अपनी पार्टी के उम्मीदवार की बात करते हुए मेरे खिलाफ बोल रहे हैं। यह आरोप निराधार हैं।"
बालुरघाट में बढ़ी सियासी गर्मी
बालुरघाट विधानसभा क्षेत्र में इस बार तृणमूल की ओर से अर्पिता घोष उम्मीदवार हैं। अभिषेक बनर्जी ने सभा में यह भी कहा कि बंगाल में ममता बनर्जी की नीतियों से महिलाओं और आम जनता दोनों को लाभ हो रहा है, जबकि अन्य राज्यों में भाजपा शासन में ऐसा नहीं हो रहा। अभिषेक ने विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए जनता से अपील की कि वे विकास और महिलाओं के कल्याण को ध्यान में रखते हुए वोट करें।
सियासी जंग में विकास और स्थानीय मुद्दे जैसे मेडिकल कॉलेज, राष्ट्रीय सड़क विस्तार और कानून-व्यवस्था चर्चा का मुख्य विषय बने हुए हैं। बालुरघाट और करणदिघि में अभिषेक बनर्जी का हमला और सुकांत मजूमदार का पलटवार चुनावी प्रचार की गर्माहट को बढ़ा रहे हैं। आगामी विधानसभा चुनाव में यह क्षेत्र दोनों दलों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।