पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने अपने ऑफिस के CCTV फुटेज की जांच करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने यह आश्वासन तृणमूल कांग्रेस द्वारा भाजपा पर नए मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के मामले में लगाए गए आरोपों के बाद दिया है। सोमवार को तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट के आरोपों का स्पष्ट उल्लंघन करते हुए कुछ ही घंटों के अंदर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO ) के ऑफिस में लगभग 30,000 फॉर्म 6 जमा किया है।
बता दें, फॉर्म 6 पहली बार बतौर मतदाता अपना नाम रजिस्टर करवाने के इच्छुक लोगों को भरना होता है। तृणमूल का आरोप है कि भाजपा इस तरह से फॉर्म 6 के माध्यम से दूसरे राज्य के निवासियों का नाम बंगाल के मतदाता सूची में शामिल करवा रही है।
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सोमवार की रात को CEO मनोज अग्रवाल से बैठक के बाद अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि हमारे पास इस बात के पुख्ता जानकारी है कि आज (30 मार्च) 6 से 7 घंटों के अंदर 30,000 फॉर्म 6 CEO के ऑफिस में जमा किए गए हैं जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्पष्ट उल्लंघन है।
उन्होंने दावा किया कि CEO इस बाबत कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सकें हैं और तृणमूल इसे 'बर्दाश्त' नहीं करेगा। इन आरोपों के सामने आने के बाद CEO मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि चुनाव आयोग इन आरोपों को गंभीरता से ले रहा है और इनकी जांच करेगा।
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एक निजी टीवी चैनल से बात करते हुए CEO अग्रवाल ने कहा कि मैं यह पता लगाऊंगा कि एजेंसी ने कहां पर CCTV लगाया है और मैं फुटेज की जांच करूंगा। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि जो व्यक्ति एडज्यूडिकेशन लिस्ट में शामिल हैं, वे फॉर्म 6 माध्यम से आवेदन नहीं कर सकते हैं।
इसका मतलब है कि सिर्फ नए नाम ही इस फॉर्म के माध्यम से मतदाता सूची में जोड़े जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि सभी शिकायतों और आवेदनों को ERO के पास जांच के लिए भेज दिया गया है। इसके साथ ही CEO ने चेताते हुए कहा कि जो लोग गलत बहाने से मतदाता सूची में अपना नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर रहे हैं उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।