वर्ष 2021 हो या 2024, किसी भी चुनाव में बालुरघाट में भाजपा के विजयरथ को तृणमूल नहीं रोक पायी थी। इसलिए 2026 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल ने बालुरघाट पर खास तौर पर ध्यान देने का फैसला लिया है। मंगलवार (31 मार्च) को बालुरघाट में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) ने भाजपा पर हमला बोलने का कोई मौका नहीं छोड़ा।
सिर्फ इतना ही नहीं उन्होंने क्षेत्र में तृणमूल सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सांसद सुकांत मजूमदार को चुनौती भी दी।
बालुरघाट में तृणमूल प्रत्याशी अर्पिता घोष के समर्थन में चुनावी सभा को संबोधित करने पहुंचे तृणमूल के सेकंड-इन-कमांड अभिषेक बनर्जी ने कहा कि बंगाल में विकास की लहर को कोई बाधा न पहुंचे इसके लिए बालुरघाट में तृणमूल का जीतना जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि बालुरघाट में 'डबल इंजन' सरकार होने के बावजूद कौन सी केंद्रीय परियोजनाओं का लाभ स्थानीय लोगों को मिला है?
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उन्होंने कहा कि 'डबल इंजन' सरकार का सबसे बड़ा भुक्तभोगी बालुरघाट रहा है। यहां 5 सालों से अधिक समय से सांसद भाजपा का है। विधायक भी भाजपा का है लेकिन इसके बावजूद 10 पैसे का अधिक अनुदान नहीं मिला है।
अभिषेक बनर्जी ने सवाल उठाते हुए कहा कि पथश्री में कितनी सड़क बनायी गयी है यह देखिए और उनसे रिपोर्ट कार्ड लाने के लिए कहें। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि 7 सालों से यहां भाजपा सांसद ने कोई काम नहीं किया है। केंद्र सरकार को चुनौती देते हुए सांसद ने कहा कि हमारी सरकार ने बालुरघाट में क्या किया है और सुकांत बाबु (मजूमदार) की मोदी सरकार ने बालुरघाट में कितना काम किया है वह बताएं। युवासाथी से अगर तपन के लोगों को फायदा हुआ है तो बालुरघाट के लोगों को भी फायदा मिला है।
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बालुरघाट में चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे सुकांत मजूमदार द्वारा लक्ष्मी भंडार को लेकर दिए गए बयान का जवाब देते हुए अभिषेक बनर्जी ने एक बार फिर चुनौती देते हुए कहा कि जिन राज्यों में भाजपा की सरकार है उनमें से किसी भी एक जगह पर इस परियोजना को लागू करके दिखाए। जहां एक ही परिवार के सभी महिलाओं को इस परियोजना के तहत रुपया मिलेगा।
कैमरे के सामने कहकर जा रहा हूं, अगर ऐसा हुआ तो तृणमूल के लिए वोट मांगने नहीं आऊंगा। हमने तो करके दिखाया है। लक्ष्मी भंडार सभी को मिलता है। मुख्यमंत्री ने अंतरिम बजट में युवासाथी की घोषणा की थी। दुश्मनों को ठेंगा दिखाते हुए 15 दिनों के अंदर आवेदकों के अकाउंट में वह रुपया भेज दिया गया है।