भुवनेश्वर : ओडिशा में पिछले तीन वर्षों में जंगली जानवरों और हाथी के हमलों में 523 लोगों की जान चली गई और 1 हजार 391 लोग घायल हो गई। यह जानकारी राज्य के वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री गणेश राम सिंखुन्टिया ने मंगलवार को विधानसभा में दी।
बीजेपी विधायक पद्मलोचन पांडा के लिखित सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में राज्य के विभिन्न वन क्षेत्रों में 175 लोग मारे गए और 408 घायल हुए। अगले वर्ष 2023-24 में यह आंकड़े बढ़कर 186 मौतें और 445 घायल हुए। वित्तीय वर्ष 2024-25 में जंगली जानवरों के हमले में 164 लोगों की जान गई और 538 लोग घायल हुए।
वन मंत्री के अनुसार तीन वर्षों में सबसे अधिक मौतें धेनकानाल वन विभाग (92), अंगुल (54), कोंझर (52), बरीपदा (36), संभलपुर (34) और बोनाई (33) में हुईं। ओडिशा में कुल 43 वन विभाग हैं।
घायलों में सबसे अधिक संख्या कोंझर (155) में दर्ज की गई, इसके बाद धेनकानाल (113), खुरदा (87), रेड्हाखोल (77), खारियार (66) और देवगढ़ (65) शामिल हैं।
मंत्री ने यह भी बताया कि इस तीन साल के दौरान राज्य में 264 जंगली जानवरों की मौत हुई, जिनमें से 132 मौतें अनैच्छिक या असामान्य कारणों से हुई। इस अवधि में चार शाही बाघ, 25 तेंदुए और 1 हजार 426 अन्य जंगली जानवर मारे गए, जिनमें 447 की हत्या शिकारियों ने की।