नई दिल्ली : भारत में मोबाइल इंटरनेट का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार अब देश में हर यूजर औसतन महीने में 31 GB से ज्यादा डेटा इस्तेमाल कर रहा है। वहीं 5G नेटवर्क का उपयोग भी तेजी से बढ़ा है और इसमें सालाना आधार पर 70% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक अब कुल मोबाइल ब्रॉडबैंड ट्रैफिक में लगभग 47% हिस्सा 5G का हो गया है। साल 2025 में पूरे देश में 5G डेटा ट्रैफिक करीब 12.9 एक्साबाइट तक पहुंच गया, जबकि कुल मोबाइल डेटा ट्रैफिक 27 एक्साबाइट प्रति माह से ज्यादा हो चुका है।
इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह 5G नेटवर्क का तेजी से विस्तार और कम कीमत में 5G स्मार्टफोन की उपलब्धता मानी जा रही है। पिछले पांच वर्षों में डेटा उपयोग में औसतन 18% की दर से वृद्धि हुई है। लोग अब ज्यादा हाई-क्वालिटी वीडियो देख रहे हैं, ऑनलाइन गेम खेल रहे हैं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं।
रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि साल 2031 तक भारत में 5G उपयोगकर्ताओं की संख्या 100 करोड़ (1 बिलियन) से ज्यादा हो सकती है। इस समय भारत दुनिया में 5G यूजर्स की संख्या और डेटा खपत के मामले में दूसरे स्थान पर है, जो देश के तेजी से बढ़ते डिजिटल ढांचे को दर्शाता है।
हालांकि बड़े शहर इस बदलाव में आगे हैं लेकिन अब छोटे शहरों और अन्य क्षेत्रों में भी 5G का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। मेट्रो शहरों में कुल मोबाइल डेटा ट्रैफिक का लगभग 58% हिस्सा अब 5G से आ रहा है।
देश में इस समय करीब 89 करोड़ 4G डिवाइस उपयोग में हैं, जिनमें से 38 करोड़ से ज्यादा डिवाइस 5G सपोर्ट करते हैं। साथ ही बाजार में आने वाले 90% से ज्यादा स्मार्टफोन अब 5G सपोर्ट के साथ आ रहे हैं। जिससे भविष्य में नेटवर्क की मांग को पूरा करना आसान होगा।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग से डेटा ट्रैफिक और तेजी से बढ़ेगा। आने वाले समय में नेटवर्क को ज्यादा तेज, मजबूत और कम समय (लो लेटेंसी) के साथ काम करने के लिए तैयार करना होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत का मोबाइल इंटरनेट सेक्टर अब एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां 5G और AI मिलकर डिजिटल सेवाओं को और बेहतर बनाएंगे।