नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे पेट्रोल, डीजल, प्राकृतिक गैस (PNG/CNG) और एलपीजी केवल अपनी वास्तविक जरूरत के अनुसार ही खरीदें और अफवाहों से प्रभावित न हों। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सोमवार को बताया कि देश में ईंधन के पर्याप्त भंडार मौजूद हैं और सभी स्तरों पर आपूर्ति पूरी क्षमता से सुनिश्चित की जा रही है।
पर्याप्त स्टॉक और रिफाइनरी संचालन
सुजाता शर्मा ने बताया कि रिफाइनरी सामान्य रूप से चल रही हैं और कच्चे तेल के भंडार भरपूर हैं। हालांकि कुछ स्थानों पर घबराहट में पेट्रोल और डीजल की खरीदारी (पैनिक बाइंग) देखी गई, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया कि घरेलू बाजार में ईंधन की कोई कमी नहीं है।
पेट्रोल और डीजल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में वृद्धि के बावजूद सरकार ने तुरंत कदम उठाए। पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 3 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर शून्य कर दी गई। इसके अलावा, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) के निर्यात पर विशेष टैक्स लगाया गया ताकि घरेलू आपूर्ति सुरक्षित रहे।
प्राकृतिक गैस और सीएनजी: हर घर तक सुविधा
सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं और सीएनजी परिवहन को प्राथमिकता दी है। औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को ग्रिड से जुड़े क्षेत्रों में औसत खपत के 80 प्रतिशत के अनुसार गैस मिल रही है।
पिछले 25 दिनों में लगभग 2.5 लाख नए पीएनजी कनेक्शन दिए गए और करीब 2.2 लाख उपभोक्ता एलपीजी से पीएनजी पर शिफ्ट हो चुके हैं। आवेदन शुल्क और मंजूरी प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। 24 मार्च को जारी गैजेट नोटिफिकेशन ने अंतिम मील कनेक्टिविटी तेज करने का रास्ता खोला।
एलपीजी की उपलब्धता और डिजिटल सुविधा
एलपीजी वितरकों पर स्टॉक पर्याप्त है। पिछले दो दिनों में लगभग 1.4 करोड़ बुकिंग हुईं, जिनमें से 92 लाख सिलेंडर वितरित किए गए। कल बुकिंग का 95 प्रतिशत हिस्सा ऑनलाइन हुआ, जो डिजिटल सुविधा को दर्शाता है। वाणिज्यिक एलपीजी की उपलब्धता 70 प्रतिशत तक बढ़ा दी गई है। धाबा, रेस्तरां, औद्योगिक कैंटीन और प्रवासी मजदूरों को प्राथमिकता दी जा रही है। पारदर्शी डिलीवरी के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) आधारित वितरण फरवरी 2026 में 53 प्रतिशत से बढ़कर 84 प्रतिशत हो गया।
मिट्टी का तेल और काला बाजार पर नियंत्रण
मिट्टी का तेल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त 48,000 किलोलीटर आवंटित किया गया है। कई राज्यों ने वितरण शुरू कर दिया है। काला बाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं और रोजाना अपडेट जारी किए जा रहे हैं। अब तक 2,500 से अधिक छापे मारे गए, 2,000 सिलेंडर जब्त किए गए और लगभग 500 शो-कॉज नोटिस जारी किए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया कि पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सभी स्तरों पर आपूर्ति नियंत्रण में है। नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे केवल वास्तविक जरूरत के अनुसार ही ईंधन और गैस खरीदें।