आदिवासी कुर्मी समुदाय का वोट किसे मिलेगा? इस वक्त जंगलमहल में सबसे ज्यादा चर्चित विषय यही है। इस बीच सोमवार को पुरुलिया के झालदा में तृणमूल प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा को संबोधित करने तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) पहुंचे।
सभा से उन्होंने दावा किया कि कुर्मी समाज की मांगों को लेकर सिर्फ तृणमूल ने ही अपनी आवाज उठायी है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि कुर्माली भाषा को 8वें अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार के पास आवेदन किया गया है।
अभिषेक बनर्जी ने एक पत्र की कॉपी दिखाकर सभा मंच से दावा किया कि हमारी सरकार ने इसी साल फरवरी में केंद्र सरकार को यह पत्र भेजा है। कुर्मियों की इस मांग को लेकर एकमात्र तृणमूल ने ही अपनी आवाज उठायी है। राज्य के मुख्यसचिव ने यह पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि राजवंशी और कुर्मी भाषा को 8वें अनुसूचित जाति के तहत शामिल कर आपलोगों (कुर्मी समुदाय) की मांग को स्वीकार किया जाए।
Facebook वहीं केंद्रीय भाजपा की सरकार आलोचना करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है। मैं कैमरे के सामने बोल रहा हूं। अगर मैं झूठ बोल रहा हूं, अगर ज्योतिर्मय सिंह महतो अथवा भाजपा का कोई भी नेता साबित कर पाता है तो मेरे खिलाफ मामला दायर कर लिया जाए।
गौरतलब है कि तृणमूल-भाजपा के साथ ही इस बार झारग्राम और पुरुलिया के आदिवासी इलाके में कुर्मी समाज के प्रतिनिधि भी अपने उम्मीदवार उतारने वाले हैं। अभिषेक बनर्जी का दावा है कि काफी उम्मीदों के साथ कुर्मी समाज ने आंदोलन किया था। उनकी मांगे वैध थी।
अजीत महतो व अन्य दिल्ली जाकर गृह मंत्री से बात की और इधर गोपीबल्लभपुर से राजेश महतो और जयपुर से भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अपने बेटे को चुनाव में खड़ा करवा दिया है। लेकिन हम बंटवारे की राजनीति नहीं चाहते हैं। एकता की राजनीति चाहते हैं।
पुरुलिया के बाघमुंडी के चड़िदा ग्राम पंचायत में छऊ मुखौटे से जुड़े लगभग 200-250 परिवारों के कलाकारों के लिए एक मार्केट बनाने की घोषणा की गयी। इसके साथ ही बन्दवान और बाघमुंडी में कोल्डस्टोरेज बनाने का आश्वासन भी दिया गया।