कीवः यूक्रेन में गृहिणियों द्वारा हथियार और ड्रोन बनाने को लेकर दिया गया एक बयान अब अंतरराष्ट्रीय बहस का विषय बन गया है। जर्मनी की रक्षा कंपनी राइनमेटल एजी के प्रमुख की इस टिप्पणी पर कीव से तीखी और व्यंग्यपूर्ण प्रतिक्रिया सामने आई है।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आर्मिन पापरगर ने यूक्रेन की ड्रोन तकनीक को कमतर बताते हुए कहा कि यह किसी “लेगो खेल” जैसा है और इसमें “यूक्रेनी गृहिणियां” अपने घरों में त्रि-आयामी प्रिंटर से ड्रोन के पुर्जे तैयार कर रही हैं। यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर विवाद छिड़ गया।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस पर चुटीला जवाब देते हुए कहा कि यदि देश की गृहिणियां इतनी सक्षम हैं कि वे ड्रोन बना सकती हैं तो वे बड़ी कंपनियों का नेतृत्व भी कर सकती हैं। उन्होंने इसे यूक्रेन के मजबूत रक्षा तंत्र का प्रमाण बताया।
दरअसल युद्ध के दौरान यूक्रेन ने कम लागत में प्रभावी और आधुनिक ड्रोन विकसित करने में तेज़ी से प्रगति की है, जिससे वह इस क्षेत्र में अग्रणी देशों में शामिल हो गया है। इस बयान के बाद “मेड बाय हाउसवाइव्स” जैसे हैशटैग के जरिए लोगों ने अपनी नाराजगी जताई और इसे महिलाओं के योगदान को कम आंकने वाला बताया। यूक्रेन की प्रधानमंत्री यूलिया स्विरिदेंको ने महिलाओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वे युद्ध प्रयासों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं और पारंपरिक सीमाओं को तोड़ते हुए कई क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं।
राष्ट्रपति के सलाहकार अलेक्जेंडर कामिशिन ने कहा कि सैन्य उत्पादन इकाइयों में पुरुष और महिलाएं कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं और सभी का योगदान सम्मान के योग्य है। विवाद बढ़ने के बाद राइनमेटल ने सफाई देते हुए कहा कि वह यूक्रेन के लोगों के साहस, नवाचार और संघर्ष का सम्मान करता है और उनके जज़्बे को प्रेरणादायक मानता है।