इस्लामान : देश के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार का एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गया। उन्हे इस असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। अब पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी भूमिका मजबूत करने की कोशिश कर रहे।
वीडियो में देखा जा सकता है कि विदेशी प्रतिनिधियों का स्वागत करते समय उनका संतुलन बिगड़ जाता है और वह फिसल जाते हैं। इस घटना के सामने आते ही इंटरनेट पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई और कई जगह इसे लेकर मजाक भी किया जाने लगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस वीडियो के चर्चा में आने की वजह सिर्फ यह घटना नहीं, बल्कि पाकिस्तान की मौजूदा कूटनीतिक स्थिति भी है। दरअसल अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण माहौल के बीच पाकिस्तान खुद को एक संभावित मध्यस्थ के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।
हालांकि कई भू-राजनीतिक विश्लेषक इस प्रयास को काफी महत्वाकांक्षी मानते हैं। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल इशाक डार की व्यक्तिगत छवि पर असर डाल सकती हैं, बल्कि मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर सकती हैं।
इसके विपरीत ओमान जैसे देशों ने पहले अमेरिका और ईरान के बीच सीधे संवाद की मेजबानी की है। वहीं पाकिस्तान की भूमिका फिलहाल अप्रत्यक्ष बातचीत तक सीमित दिखाई दे रही है। साथ ही तुर्की, सऊदी अरब और मिस्र जैसे क्षेत्रीय देशों के साथ भी पाकिस्तान लगातार संपर्क बनाए हुए है।
इसके बावजूद अब तक इन प्रयासों से कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है और पश्चिम एशिया की स्थिति अभी भी जटिल बनी हुई है।
मौजूदा हालात में अमेरिका और ईरान सीधे बातचीत से बच रहे हैं और क्षेत्रीय देशों के जरिए अप्रत्यक्ष संवाद जारी है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान के लिए इस भूमिका में सफल होना आसान नहीं होगा।