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नेपाल के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद ही बालेन्द्र शाह की सरकार ने पूर्व PM को किया गिरफ्तार

केपी शर्मा ओली के साथ नेपाली कांग्रेस के नेता और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को भी गिरफ्तार किया गया है।

By Moumita Bhattacharya

Mar 28, 2026 10:32 IST

नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में शुक्रवार को बालेन्द्र शाह (Balen Shah) ने शपथ ग्रहण की। इसके तुरंत बाद नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि नेपाल की नई सरकार ने इस बाबत स्पष्ट किया है कि यह गिरफ्तारी किसी भी बदले की भावना से नहीं की गयी है। इसे न्याय की शुरुआत बताया गया है। नेपाल के नए गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने कहा कि यह कदम न्याय प्रक्रिया का ही हिस्सा है।

गौरतलब है कि पिछले साल जेन जी विरोध की वजह से नेपाल में अशांति फैल गई थी। इसी दबाव में नेपाल के तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा था। इस विरोध-प्रदर्शन के दौरान खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था। इसी गैर-इरादतन हत्या के मामले में केपी शर्मा ओली को अब गिरफ्तार किया गया है।

शुक्रवार को बालेन्द्र शाह ने नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। इसके बाद शनिवार की सुबह ही केपी शर्मा ओली को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ओली के साथ नेपाली कांग्रेस के नेता और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को भी गिरफ्तार किया गया है।

नेपाल पुलिस के सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि शनिवार की सुबह भक्तपुर इलाके में मौजूद अपने-अपने घर से दोनों को गिरफ्तार किया गया है। बताया जाता है कि केपी ओली शर्मा को गुंडु इलाके और रमेश लेखक को सूर्यविनायक इलाके से हिरासत में लिया गया।

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गौरतलब है कि पिछले साल सितंबर में जेन जी विरोध की वजह से नेपाल में भारी अशांति फैल गई थी। विरोध प्रदर्शन के पहले दिन ही कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद काठमांडू सहित कई अन्य इलाकों में हिंसक प्रदर्शन भी हुए थे जिसमें कम से कम 70 लोगों के मारे जाने की खबरें आयी थी।

नेपाल पुलिस सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में नेपाल के गृह मंत्रालय की तरफ से शिकायत दर्ज करवायी गई थी। बताया जाता है कि उसी शिकायत के आधार पर यह गिरफ्तारी की गयी है। शिकायत दर्ज होने के बाद शुरू हुई जांच के आधार पर उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था।

काठमांडू पोस्ट की मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश नेपाल के विशेष अदालत के पूर्व न्यायाधीश गौरी बहादुर कार्की की अध्यक्षता वाली आयोग ने की थी। इस आयोग ने केपी ओली और रमेश लेखक के अलावा तत्कालीन आईजी चंद्र कुंवर खापुंग के खिलाफ भी कार्रवाई करने की सिफारिश की थी। इस मामले में दोनों 10 साल तक की जेल हो सकती है।

काठमांडू घाटी के पुलिस प्रवक्ता ओम अधिकारी ने बताया कि केपी ओली और अन्य के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत ही अगली कार्रवाई की जाएगी।

नेपाल के गृह मंत्री ने बताया कि जेन जी विरोध के दौरान हुई हिंसा के मामले में न्याय को सुनिश्चित करने का उनका वादा पूरा किया जा रहा है। अपने सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि कोई भी कानून के ऊपर नहीं है। हमने उस घटना में न्याय करने का वादा किया था और वह काम अब शुरू हो गया है। यह किसी के खिलाफ बदले की भावना से की जा रही कार्रवाई नहीं है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घटना में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

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