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Bengal Election: SIR की दूसरी सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी, लाखों मतदाताओं के नाम हटे, बढ़ी बेचैनी

37 लाख मामलों का निपटारा, करीब 40 प्रतिशत नाम कटे, दूसरी लिस्ट में कैसे नाम खोजेंगे अपना?

By श्वेता सिंह

Mar 28, 2026 02:06 IST

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत दूसरी सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट जारी होने के बाद मतदाताओं के बीच चिंता और असमंजस की स्थिति बन गई है। चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार तक कुल 37 लाख मतदाताओं के नामों पर निर्णय लिया गया, जिनमें से करीब 40 प्रतिशत नाम सूची से हटा दिए गए हैं।

इससे पहले पहली सप्लीमेंट्री सूची में 29 लाख नामों का निपटारा किया गया था, लेकिन इनमें से केवल लगभग 10 लाख नाम ही वेबसाइट पर दिखाई दिए थे। बताया गया कि जिन मतदाताओं के दस्तावेजों में ई-साइन की प्रक्रिया पूरी थी, उन्हीं के नाम ऑनलाइन उपलब्ध कराए गए, जबकि अन्य नाम वेबसाइट पर नहीं दिखे।

दूसरी सप्लीमेंट्री सूची जारी होने के साथ ही मतदाताओं को अपनी स्थिति जानने के लिए चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। इसके लिए voters.eci.gov.in/download-eroll पोर्टल खोलकर राज्य का चयन करना होगा। इसके बाद “रोल टाइप” के विकल्प में जाकर दूसरी एडजुडिकेशन सप्लीमेंट्री लिस्ट या दूसरी एडजुडिकेशन डिलीटेड लिस्ट का चयन करना होगा। फिर जिला और विधानसभा क्षेत्र चुनकर, भाषा का चयन करने के बाद कैप्चा भरते ही सूची देखी जा सकती है।

हालांकि, जिन लोगों के नाम इस सूची में नहीं हैं, उनके सामने अब बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। जानकारी के अनुसार, राज्य के 23 जिलों में 19 ट्रिब्यूनल गठित करने की योजना है, जहां ऐसे मामलों की सुनवाई होनी है। लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये ट्रिब्यूनल कहां और कब शुरू होंगे। शुक्रवार शाम इस मुद्दे पर उच्चस्तरीय बैठक भी हुई, लेकिन कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया।

इस स्थिति के कारण जिन मतदाताओं के नाम सूची से बाहर हो गए हैं, उनके सामने यह सवाल खड़ा हो गया है कि वे अपनी आपत्ति या अपील कहां दर्ज करें। साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं है कि ऐसे मतदाता आगामी चुनाव में वोट दे पाएंगे या नहीं।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले इस तरह बड़ी संख्या में नाम हटने और प्रक्रिया की स्पष्टता न होने से यह मुद्दा अब गंभीर बनता जा रहा है। मतदाताओं के बीच असमंजस और चिंता बढ़ रही है, जबकि यह भी देखने वाली बात होगी कि चुनाव आयोग आगे इस स्थिति को लेकर क्या दिशा-निर्देश जारी करता है और प्रभावित लोगों को किस तरह राहत दी जाती है।

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