मुंबई : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के दो हाई-प्रोफाइल फ्रेंचाइजी - रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और राजस्थान रॉयल्स की हाल ही में हुई बिक्री से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को भारी आर्थिक लाभ हुआ है। इन दोनों टीमों की नई मालिकाना हकदारी IPL 2026 के समाप्त होने के बाद से प्रभावी होगी।
राजस्थान रॉयल्स को अमेरिकी उद्यमी काल सोमानी के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने खरीदा। वहीं 2025 के चैंपियन RCB की नई मालिकाना हकदारी आदित्य बिड़ला ग्रुप, अमेरिकी स्पोर्ट्स निवेशक डेविड ब्लिट्जर और प्राइवेट इक्विटी कंपनी ब्लैकस्टोन ने हासिल की।
मालिकाना बदलाव के बाद राजस्थान रॉयल्स की कीमत लगभग 1.63 बिलियन डॉलर (करीब 15 हजार करोड़ रुपये) रही जबकि RCB 1.78 बिलियन डॉलर (करीब 16 हजार करोड़ रुपये) में बिकी। IPL के इतिहास में यह पहली बार है जब एक ही सप्ताह में दो टीमों की कीमत एक बिलियन डॉलर से अधिक रही। अब दोनों फ्रेंचाइज़ी IPL की सबसे मूल्यवान टीमों में शामिल हो गई हैं।
BCCI को इस सौदे से लगभग 1,550 से 1,583 करोड़ रुपये का लाभ होने की उम्मीद है। IPL नियमों के अनुसार, फ्रेंचाइजी की बिक्री पर कुल मूल्य का 5% ‘ट्रांसफर फी’ बोर्ड को देना अनिवार्य है। इसके अलावा किसी भी मालिकाना परिवर्तन के लिए BCCI और IPL गवर्निंग काउंसिल की मंजूरी जरूरी होती है जिससे बोर्ड हर सौदे से लाभान्वित होता है।
राजस्थान रॉयल्स के बिक्री मूल्य में थोड़ी अनिश्चितता है क्योंकि SA20 के Paarl Royals और CPL के Barbados Royals टीमों की हिस्सेदारी भी इस सौदे में शामिल हो सकती है।
IPL 2026 की शुरुआत 28 मार्च से होगी। पहला मैच गत सीजन की चैंपियन RCB और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच ओपनिंग डे पर खेला जाएगा। इस सीजन में कुल 74 मैच होंगे और फाइनल 31 मई को निर्धारित है, जबकि प्लेऑफ के स्थल का अभी घोषणा नहीं हुई है।