अयोध्या : हर साल की तरह इस साल अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में राम नवमी के मौके पर खास पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने रामलला और श्रीराम दरबार के दर्शन किए लेकिन हर भक्त के लिए आकर्षण का केंद्र रामलला का सूर्य तिलक था।
विज्ञान और अध्यात्म के संगम ने इसे बड़ा ही भव्य और आकर्षक बना दिया था जिसका लाइव प्रसारण भी किया गया। श्रीराम का दिव्य अलौकिक सूर्य तिलक के मौके पर मंदिर के गर्भगृह में भी भारी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
जैसे ही रामलला के मस्तक पर तकनीक की मदद से सूर्य की किरणें पड़ी तो ऐसा लगा मानो विज्ञान और अध्यात्म का अनुठे संगम के साथ सूर्य देव ने स्वयं उनका राजतिलक किया हो। इस भव्य आयोजन में संपूर्ण अयोद्धयावासियों के साथ-साथ इस मौके पर उपस्थित देश और विदेश से पहुंचे अन्य श्रद्धालु भी खुशी से झूम उठे।
प्रभु के सूर्यतिलक का दिव्य दृश्य pic.twitter.com/4k9OwQuH38
— Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) March 27, 2026
दोपहर ठीक 12 बजे अभिजीत मुहूर्त पर रामलला का जन्मोत्सव शुरू हुआ जिसमें सबसे पहले उन्हें पंचामृत से स्नान करवाया गया। इसके बाद उन्हें आभूषण व पितांबर धारण करवाया गया। इस खास मौके पर गर्भग्रह में 14 विशेष पुजारी भी उपस्थित थे।
इसके बाद ही गर्भगृह में रामलला के ललाट पर सूर्य की किरणों को दर्पण और लेंस के जरिए परावर्तित कर पहुंचायी गयी। गौरतलब है कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद बालक राम का यह दूसरा सूर्य तिलक था जो सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
राम नवमी के मौके पर मंदिर परिसर में उमड़ी भीड़ को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी किए गए थे। पूरा दिन मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बधाई गान बजता रहा जिससे वातावरण पूर्ण रूप से भक्तिमय बन गया। राम नवमी के दिन राम मंदिर के साथ-साथ हनुमान गढ़ी मंदिर में भी भक्तों की भारी भीड़ दिखाई दी।