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Assam Elections 2026: कांग्रेस का बड़ा दांव! मल्लिकार्जुन खड़गे ने घोषित किए 6 ऑब्जर्वर, जानें कौन-कौन शामिल

चुनावी माहौल गरम, गोगोई का बड़ा हमला! Himanta Biswa Sarma पर गंभीर आरोप, असम चुनाव से पहले सियासत में बढ़ी हलचल

By डॉ. अभिज्ञात

Mar 26, 2026 19:27 IST

गुवाहाटी: असम विधानसभा चुनाव 2026 से पहले कांग्रेस ने अपनी तैयारियों को तेज़ करते हुए बड़ा संगठनात्मक कदम उठाया है। पार्टी ने आगामी चुनावी रणनीति को मजबूत करने के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के पर्यवेक्षकों यानी ऑब्जर्वर्स की नियुक्ति कर दी है।

पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने छह ऑब्जर्वर्स की नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से मंजूरी दी है। इस टीम में अशोक सिंह, विनोद वर्मा, अनिरुद्ध सिंह, वीरेंद्र राठौर, योगेश दीक्षित और आदित्य शर्मा शामिल हैं।

यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब कांग्रेस असम में सत्तारूढ़ बीजेपी-नीत एनडीए सरकार को कड़ी चुनौती देने की तैयारी में जुटी हुई है और चुनावी मैदान में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।

गौरतलब है कि असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 9 अप्रैल को एक ही चरण में होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। राज्य में चुनावी सरगर्मी अब चरम पर है और सभी राजनीतिक दल अपने-अपने मोर्चे पर पूरी ताकत झोंकते नजर आ रहे हैं।

असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष इसी बीच गौरव गोगोई ने शिवसागर में असमिया अखबार असमिया प्रतिदिन की प्रतियां जलाए जाने की घटना पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने इस पूरे मामले के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को जिम्मेदार ठहराया।

खानापारा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गोगोई ने आरोप लगाया कि राज्य में मीडिया के लिए प्रतिकूल माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री लगातार कुछ मीडिया संस्थानों को निशाना बना रहे हैं, जिससे वातावरण बिगड़ रहा है। गोगोई ने बीजेपी नेतृत्व पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि पत्रकारों को धमकाने, उनके साथ मारपीट करने और यहां तक कि पुलिस कार्रवाई के दौरान आंसू गैस का इस्तेमाल करने जैसे मामले सामने आए हैं। उन्होंने शिवसागर की घटना को सुनियोजित और व्यवस्थित हमला करार देते हुए कहा कि यह प्रेस पर दबाव बनाने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा लगता है। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया को भी नाकाफी बताते हुए कहा कि 24 घंटे के भीतर कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई, जो लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल खड़े करती है।

गोगोई ने टिकट वितरण को लेकर भी बीजेपी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि अवैध नेटवर्क से जुड़े लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार किया जा रहा है।

सरभोग में हाल ही में हुई विपक्षी एकता रैली का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सीमित समय के बावजूद चुनावी अभियान आने वाले दिनों में और तेज़ किया जाएगा।

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