नई दिल्ली : यात्रियों और आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देशभर में रेलवे ट्रैक पार करने के लिए सुविधाजनक सबवे बनाने के निर्देश दिए हैं। रेल मंत्रालय ने गुरुवार को जानकारी दी कि इस पहल का उद्देश्य रेलवे लाइनों को पार करते समय होने वाले हादसों के जोखिम को कम करना है।
मंत्रालय के अनुसार ये सबवे बेहद कम समय करीब 12 घंटे में तैयार किए जा सकेंगे। इन्हें खासतौर पर उन स्थानों पर बनाया जाएगा, जहाँ लोग रोज़मर्रा की ज़िंदगी में अक्सर रेलवे ट्रैक पार करते हैं। ऐसे इलाकों में जहाँ एक तरफ बस्तियाँ हैं और दूसरी ओर खेत, स्कूल, श्मशान या कार्यस्थल मौजूद हैं, वहाँ यह सुविधा बेहद उपयोगी साबित होगी। सरकार का मानना है कि ये सबवे एक सुरक्षित विकल्प के रूप में काम करेंगे, जिससे लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन पार करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
रेल मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इन सबवे का डिज़ाइन आम लोगों को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा। इनमें लोग आसानी से साइकिल, मोटरसाइकिल और काम से जुड़ा सामान लेकर गुजर सकेंगे।
इस पहल से खास तौर पर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की बड़ी आबादी को फायदा मिलने की उम्मीद है, जहाँ इस तरह के असुरक्षित क्रॉसिंग आम बात है। मंत्रालय का कहना है कि यह योजना बड़े पैमाने पर रेलवे ट्रैक पार करने के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने में मददगार साबित होगी।
इसी के साथ रेल मंत्रालय ने पहले रेलवे के संचार तंत्र को मजबूत करने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए लगभग 1,236 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में आधुनिक तकनीक के जरिए नेटवर्क अपग्रेड और कवच स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली का विस्तार शामिल है।
इन स्वीकृत प्रस्तावों में तीन प्रमुख योजनाएँ शामिल हैं-दो योजनाएँ ऑप्टिकल फाइबर और ग्राउंड वायर इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर हैं, जो सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे में लागू होंगी, जबकि तीसरी योजना साउदर्न रेलवे के व्यस्त मार्गों पर कवच प्रणाली के विस्तार से जुड़ी है।
सेंट्रल रेलवे में बड़ा तकनीकी उन्नयन
करीब 623.63 करोड़ रुपये की लागत से सेंट्रल रेलवे के पाँचों डिवीजनों-सोलापुर, नागपुर, पुणे, भुसावल और मुंबई में मजबूत और दोहरी संचार प्रणाली विकसित की जाएगी।
इसके अलावा, अतिरिक्त फाइबर क्षमता को ‘डार्क फाइबर’ के रूप में लीज़ पर देकर रेलवे को अतिरिक्त राजस्व भी मिलेगा।
साउदर्न रेलवे में ‘कवच’ का विस्तार:
लगभग 310.18 करोड़ रुपये की लागत से साउदर्न रेलवे के 548 किलोमीटर लंबे व्यस्त मार्गों पर कवच स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे ट्रेन संचालन और भी सुरक्षित हो सकेगा। रेल मंत्रालय का मानना है कि ये सभी पहल मिलकर न केवल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाएँगी, बल्कि रेलवे के बुनियादी ढांचे को भी आधुनिक और अधिक विश्वसनीय बनाएंगी।