तिरुवनंतपुरमः केरल पुलिस की साइबर शाखा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X Corp और उससे जुड़े एक अकाउंट के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि एक एआई से बने वीडियो के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय निर्वाचन आयोग को भ्रामक और मानहानिकारक तरीके से प्रस्तुत किया गया।
यह वीडियो उस विवाद से जुड़ा है जिसमें चुनाव आयोग के एक पत्र पर केरल में भारतीय जनता पार्टी की राज्य इकाई की मुहर होने का मामला सामने आया था, जिसने चुनावी माहौल में राजनीतिक बहस को जन्म दिया।
पुलिस के अनुसार यह वीडियो अभी तक संबंधित X अकाउंट से हटाया नहीं गया है। यह मामला चुनाव आयोग सहित आधिकारिक माध्यमों से मिली शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया। जांच में पाया गया कि यह सामग्री लोगों को गुमराह कर सकती है, संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा सकती है और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, तिरुवनंतपुरम में X अकाउंट “Laxmi N Raju (@valiant_Raju)” समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें फर्जीवाड़ा, पहचान की चोरी और जन-शांति भंग करने से जुड़े आरोप शामिल हैं।
पुलिस ने कहा कि 1 मिनट 17 सेकंड का यह वीडियो समाज में तनाव पैदा करने के उद्देश्य से साझा किया गया। साथ ही प्लेटफॉर्म को सामग्री हटाने के निर्देश दिए जाने के बावजूद इसे प्रसारित होने दिया गया।
प्राधिकरणों ने आईटी अधिनियम के तहत नोटिस जारी कर इस आपत्तिजनक सामग्री को जल्द हटाने की मांग की है। साथ ही पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे चुनाव के दौरान किसी भी अपुष्ट या भ्रामक सामग्री को साझा करने से बचें। यह विवाद तब उभरा जब माकपा ने सोशल मीडिया पर एक हलफनामा साझा किया, जिसमें 19 मार्च 2019 के एक पत्र पर चुनाव आयोग की बजाय बीजेपी की मुहर होने की बात कही गई थी। हालांकि चुनाव आयोग ने इसे “लिपिकीय त्रुटि” बताते हुए तुरंत सुधार करने और संबंधित अधिकारी को निलंबित करने की जानकारी दी थी।