नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस ने किताबों की अवैध छपाई और बिक्री करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में 67 साल के एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान ज्वाला प्रसाद सोनी के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से नकली किताबों का कारोबार चला रहा था। वह बिना अनुमति किताबों की छपाई कर उन्हें बाजार में बेचता था। यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था। मामले की शुरुआत 14 मार्च को मिली एक शिकायत से हुई। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। टीम ने रोहिणी सेक्टर-16 में छापा मारा। यहां से 8,593 नकली किताबें बरामद की गईं।
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने एक और स्थान पर छापा मारा। इस कार्रवाई में 11,544 और किताबें मिलीं। इस तरह कुल 20,137 पाइरेटेड कॉपियां बरामद हुईं।
शुरुआत में आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। उसने छपाई के स्रोत के बारे में गलत जानकारी दी लेकिन पुलिस की सख्त पूछताछ में सच्चाई सामने आ गई। पूछताछ के बाद पुलिस ने आनंद पर्वत इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित एक प्रिंटिंग प्रेस पर भी कार्रवाई की। वहां से दो प्रिंटिंग मशीनें बरामद की गईं। इसके साथ ही चार किताबों के नेगेटिव और 12 प्रिंटिंग प्लेट भी मिलीं। इनका इस्तेमाल कॉपीराइट सामग्री की अवैध छपाई में किया जाता था।
पुलिस का कहना है कि आरोपी इस पूरे नेटवर्क को खुद संचालित कर रहा था। वह छपाई से लेकर सप्लाई तक हर काम में शामिल था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ पहले भी कॉपीराइट कानून के तहत मामला दर्ज हो चुका है। फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।