पश्चिम एशियाई युद्ध की वजह से जारी तनावपूर्ण हालातों के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कल यानी शुक्रवार (27 मार्च) राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ ऑनलाइन बैठक करने वाले हैं। मिली जानकारी के अनुसार यह उच्च स्तरीय बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होने वाली है। हालांकि इस बैठक में उन राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल नहीं होंगे जहां विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
कौन से मुद्दों पर हो सकती है चर्चा?
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार इस बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्र व राज्यों के बीच समन्वय स्थापित करना है ताकि आपातकाल जैसी किसी भी परिस्थिति में पूरा देश एकजुट होकर मुकाबला करने के लिए तैयार रह सके। संभावना जतायी जा रही है कि इस बैठक में सुरक्षा, सप्लाई चेन, ऊर्जा की जरूरतों और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चाएं हो सकती हैं।
गत सोमवार को ही लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेताते हुए कहा था कि यह भू-राजनैतिक संकट लंबा चल सकता है। इसलिए तटवर्तीय सुरक्षा को बढ़ाने के साथ-साथ साइबर सुरक्षा और रणनीतियों को बनाने पर भी ध्यान दिया जा सकें।
क्या ईंधन की पर्याप्त मात्रा है मौजूद?
इस युद्ध की वजह से होर्मूज जलसंधि (Strait of Hormuz) एक प्रकार से बंद पड़ गया है। इस वजह से ईंधन की आपूर्ति को लेकर आम जनता में डर का माहौल है। गुरुवार को पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया कि देश में ईंधन पर्याप्त मात्रा में मौजूद है।
मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि भारत के पास अभी अगले लगभग 74 दिनों का ईंधन मौजूद है। रसोई गैस यानी LPG की आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने के लिए उत्पादन को 40% बढ़ाया गया है। अगले 60 दिनों के लिए अपरिशोधित तेल की अग्रिम आपूर्ति को सुनिश्चित किया जा चुका है।
संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि भारत पहले ही होर्मूज जलसंधि से होकर चार जहाज लाने में सफल रहा है।
न फैलाए अफवाह
केंद्र सरकार की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि कुछ लोग कृत्रिम संकट पैदा कर कालाबाजारी करने की कोशिश कर रहे हैं। राज्यों से ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा है। हालांकि इस बैठक में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल के मुख्यमंत्री आदर्श आचार संहिता लागू होने की वजह से इस बैठक में शामिल नहीं होंगे। इन तीनों राज्यों के कैबिनेट सचिवालय से मुख्य सचिव इस बैठक में शामिल हो सकते हैं।