कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य मंत्री और तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) के नेता ब्रत्य बसु ने चुनाव आयोग (Election Commission of India) पर राज्य में भेजे गए पर्यवेक्षकों में कथित राजनीतिक पक्षपात होने का आरोप लगाया है।
ब्रात्य बसु ने बनगांव दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के सामान्य पर्यवेक्षक अजय काटेसरिया का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें मध्य प्रदेश के शिवराज सिंह चौहान सरकार के दौरान भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करना पड़ा था, लेकिन बाद में मोहन यादव की सरकार ने उन्हें क्लीन चिट दे दी।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बसु ने कहा, "पहले हमने कहा था कि ऐसे पर्यवेक्षक भेजे जा रहे हैं जिनके परिवार की भाजपा से नजदीकी है। हमने यह पहले भी उजागर किया था। आज हम चुनाव आयोग द्वारा भेजे गए कुछ अधिकारियों और पर्यवेक्षकों का विवरण दिखा रहे हैं। यह तकनीकी पोस्टिंग नहीं हैं। इन अधिकारियों के राजनीतिक संबद्धता होने की वजह से चुनाव प्रक्रिया पर असर पड़ने की आशंका है।"
भवानीपुर में रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति पर आपत्ति
तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर सुरजित रॉय की नियुक्ति पर भी चुनाव आयोग को औपचारिक शिकायत की है। पार्टी का दावा है कि रॉय कथित रूप से पश्चिम बंगाल के विपक्षी नेता और भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता शुभेंदु अधिकारी के करीब हैं और उनकी निगरानी में काम कर रहे हैं।
इस घटनाक्रम ने TMC और BJP के बीच चुनाव से पहले तनाव और बढ़ा दिया है।