नई दिल्ली : इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की मौजूदा चैंपियन टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की ऐतिहासिक बिक्री के बाद इसके संस्थापक और पूर्व मालिक विजय माल्या का पहला बयान सामने आया है। टीम को 1.78 अरब डॉलर (करीब 16,500 करोड़ रुपये) में आदित्य बिड़ला ग्रुप के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम द्वारा खरीदा गया है जिसके बाद माल्या ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी।
माल्या ने नए मालिकों को बधाई देते हुए लिखा कि उन्हें इस प्रतिष्ठित फ्रेंचाइजी के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद है। उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि जब मैंने 2008 में 450 करोड़ रुपये में आरसीबी खरीदी थी तब ज्यादातर लोग मुझ पर हंसे थे और मेरे इस निवेश को एक दिखावटी प्रोजेक्ट बताया था। उन्होंने इसे अपने “पागलपन भरे लेकिन दूरदर्शी फैसले” का परिणाम बताया कि आज वही टीम हजारों करोड़ की हो गई है।
माल्या ने कहा कि आरसीबी केवल एक टीम नहीं बल्कि उनके ‘डीएनए’ का हिस्सा रही है। उन्होंने विशेष रूप से विराट कोहली का जिक्र करते हुए कहा कि युवा खिलाड़ी के रूप में उन्हें चुनना उनके सबसे अहम फैसलों में से एक था। कोहली आज दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शामिल हैं यह देखना गर्व की बात है ऐसा उन्होंने लिखा।
क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार इस डील के तहत कंसोर्टियम ने यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड के साथ समझौता कर आरसीबी में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की है। इस समूह में आदित्य बिड़ला ग्रुप, टाइम्स ग्रुप, बोल्ट वेंचर्स और ब्लैकस्टोन शामिल हैं। नई संरचना में आर्यमन विक्रम बिड़ला को चेयरमैन और सत्यन गजवानी को वाइस चेयरमैन बनाया जाएगा।
गौरतलब है कि आरसीबी आईपीएल और महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) दोनों खिताब जीतने वाली पहली फ्रेंचाइजी बन चुकी है। पुरुष टीम ने 2025 में अपना पहला आईपीएल खिताब जीता, जबकि महिला टीम ने 2026 में डब्ल्यूपीएल ट्रॉफी अपने नाम की।
हालांकि इस बड़ी डील से माल्या को कोई आर्थिक लाभ नहीं हुआ है, क्योंकि 2016 में कंपनी पर नियंत्रण खत्म होने के बाद उनका फ्रेंचाइजी से संबंध समाप्त हो गया था।