विधानसभा चुनाव को लेकर स्थानीय लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग ने खासतौर पर अलग-अलग जिलों के लिए स्थानीय शुभंकर को लॉन्च किया है। इन शुभंकरों के माध्यम से चुनाव आयोग मतदाताओं के बीच चुनाव को लेकर जागरूकता बढ़ा रहा है। शुभंकरों का चयन करते समय स्थानीय परिवेश का खास तौर पर ध्यान रखा गया है ताकि क्षेत्रीय लोगों के बीच ये शुभंकर तेजी से लोकप्रिय हो सकें।
मालदह के लिए 'फजली बाबु' तो अलीपुरदुआर में 'गेंडू'
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Election) को ध्यान में रखते हुए मालदह जिले के लिए स्थानीय फजली आम से प्रेरित होकर शुभंकर 'फजली बाबु' को लॉन्च किया गया है। यह मालदह जिले के मतदाताओं के लिए एक प्यारा संदेश लाया है जो लोकतंत्र के इस महापर्व में उनकी हिस्सेदारी को भी सुनिश्चित करेगा। वहीं अलीपुरदुआर जिले के लिए स्थानीय शुभंकर 'गेंडू' को लॉन्च किया गया है। उत्तर बंगाल के वन्य क्षेत्रों में पाया जाने वाला एक सींग वाला गेंडा मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करता नजर आएगा।
कालिम्पोंग के लोगों को जागरूक कर रही 'इलायची आंटी'
कालिम्पोंग जिले के मतदाताओं को 'आपका वोट ही आपका संदेश है' का संदेश देने के लिए शुभंकर जोड़ी डल्ले मिर्च यानी 'डल्ले अंकल' और बड़ी इलायची यानी 'इलायची आंटी' की जोड़ी को लॉन्च किया गया है। चुनाव आयोग की ओर से दावा किया जा रहा है कि कि ये सभी शुभंकर मतदाताओं के लिए जाने-पहचाने चेहरे बनते जा रहे हैं जो उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने और अपने मताधिकारों का प्रयोग करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
प्रत्येक शुभंकर के साथ बांग्ला अथवा अंग्रेजी भाषा में विधानसभा चुनाव और मताधिकार के प्रयोग के संबंध में कुछ न कुछ संदेश दिया गया है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव का आयोजन 2 चरणों में 23 और 29 अप्रैल को किया जा रहा है। 4 मई को मतगणना होगी और उसी दिन परिणाम भी घोषित कर दिया जाएगा। इस दिन पश्चिम बंगाल के साथ-साथ 3 अन्य राज्यों (असम, तमिलनाडु और केरल) तथा केंद्र शासित प्रदेश (पुडुचेरी) के विधानसभा चुनाव की मतगणना होगी और रिजल्ट घोषित किया जाएगा।