नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर 10 रुपये की एक्साइज ड्यूटी घटा दी है। इस कदम का उद्देश्य घरेलू तेल विपणन कंपनियों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों का दबाव कम करना है।
इस घोषणा के बाद इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) जैसे सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में शुरुआती तेजी देखी गई।
लेकिन शेयर बाजार में कुल मिलाकर गिरावट के कारण यह वृद्धि जारी नहीं रही और कुछ समय बाद इन शेयरों की कीमतें फिर घट गईं।
शुक्रवार सुबह BPCL का शेयर 4% बढ़कर 298 रुपये तक पहुंचा। HPCL का शेयर भी 4% बढ़कर 358 रुपये हुआ। IOCL का शेयर 2% बढ़कर 144 रुपये तक गया। हालांकि इस रिपोर्ट के समय ये सभी शेयर फिर से 1% से अधिक की गिरावट में थे।
आईएनवी एसेट्स के बिजनेस हेड हर्षल दासानी ने बताया कि एक्साइज ड्यूटी घटने के कारण शुरुआती समय में सकारात्मक माहौल बन गया था, क्योंकि इससे तेल विपणन कंपनियों पर पड़ने वाला दबाव कुछ हद तक कम हो गया। लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में भारी वृद्धि के कारण यह कटौती पर्याप्त नहीं मानी जा रही है।
उन्होंने बताया कि अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 50% की बढ़ोतरी हुई है। हॉर्मुज जलसंधि के बंद होने से आपूर्ति में कमी भी आई है। इस स्थिति में देश की तेल विपणन कंपनियां अधिक महंगे कच्चे तेल की खरीद करने के लिए मजबूर हैं, जबकि पेट्रोल और डीजल की रिटेल कीमतें स्थिर रखी गई हैं।
परिणामस्वरूप कंपनियों पर नुकसान का दबाव बढ़ रहा है। हालांकि एक्साइज ड्यूटी में कटौती से इस नुकसान का कुछ हिस्सा कम किया जा सकता है, लेकिन लंबे समय में कंपनियों के वित्तीय परिणामों पर इसका असर पूरी तरह टालना संभव नहीं है। यही वजह है कि शुरुआती तेजी के बावजूद शेयरों की कीमतों में फिर गिरावट आई।
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