भारतीय मुद्रा की गिरावट रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत लगातार अपने निचले स्तर पर पहुंचती जा रही है। इसकी वजह से रुपये की कीमत रिकॉर्ड न्यूनतम स्तर पर पहुंच रही है। शुक्रवार को भी रुपये का मूल्य 94 से नीचे चला गया, जो अपने रिकॉर्ड लो पर है।
शुक्रवार को बाजार खुलते ही भारतीय रुपए में गिरावट दर्ज होने लगी। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर 94.29 तक पहुंच गई। बुधवार को रुपये ने 94 का स्तर पार कर लिया था, लेकिन बाजार बंद होने के समय यह फिर 94 के नीचे आ गया था। शुक्रवार को रुपये में लगभग 33 पैसे की और गिरावट दर्ज की गई। पिछले महीने से ही रुपये की कीमत में भारी गिरावट आ रही है। पिछले एक महीने में भारतीय मुद्रा में लगभग 3.5 प्रतिशत की गिरावट आई है।
पश्चिम एशियाई तनाव की वजह से ईंधन तेल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। भारत ईंधन तेल के मामले में आयात पर निर्भर है। रोजमर्रा की अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत को भारी मात्रा में ईंधन तेल खरीदना पड़ता है। तेल की कीमत बढ़ने से अतिरिक्त दबाव पैदा हो गया है।
तेल की कीमत में बढ़ोतरी के बीच डॉलर इंडेक्स भी मजबूत हुआ है जिससे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में निवेश की प्रवृत्ति बढ़ी है। इस स्थिति के कारण विदेशी निवेश भी भारत के बाजार से निकल रहा है। इस महीने की शुरुआत से ही लगातार विदेशी निवेश के बाहर जाने की प्रवृत्ति जारी है।
इन सबको मिलाकर संयुक्त प्रभाव पड़ रहा है जिसकी वजह से डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत दिन-ब-दिन गिर रही है। जानकारों ने आशंका जतायी है कि अगर यह प्रवृत्ति जारी रहती है तो भविष्य में रुपये की कीमत और गिर सकती है।