पश्चिम एशियाई युद्ध की वजह से भारत में तेल की किल्लत होने जैसी परिस्थिति बनने की आशंका जतायी जा रही है। LPG सिलेंडर की कीमतों में तेजी से वृद्धि हो रही है। सिर्फ इतना ही नहीं बुकिंग सफलतापूर्व होने के बावजूद सिलेंडर न मिलने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। इस बीच एक बड़ी खबर सामने आयी है। शुक्रवार की भोर में करीब 42 हजार मिट्रीक टन LPG लेकर भारतीय जहाज 'जग वसंत' गुजरात के नोंगर पहुंचा है।
इस बारे में केंद्रीय जहाजरानी मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि 'जग वसंत' पर 27 भारतीय नाविक हैं, जिसने कुवैत से LPG लेकर पिछले सोमवार को होर्मूज जलसंधि को पार किया था। शुक्रवार की अहले सुबह यह जहाज गुजरात के कान्दला बंदरगाह पहुंचा। साथ ही बताया जाता है कि एक और जहाज 'पाइन गैस' LPG लेकर दो दिनों बाद भारत पहुंचने वाला है।
इससे पहले पिछले सप्ताह ही होर्मूज जलसंधि को पार कर LPG लेकर 'शिवालिक' और 'नंदा देवी' नामक दो जहाज भारत आ चुके हैं। इसमें से 'शिवालिक' गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह में पहुंचा था जो अपने साथ 45 हजार मिट्रीक टन LPG लेकर आया था। इसके 24 घंटों बाद ही 'नंदा देवी' जहाज भी LPG लेकर भारत पहुंचा।
बता दें, अभी तक भारत अपनी कुल खपत का 80 प्रतिशत ईंधन आयात कर रहा है। इसमें से 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और 60 प्रतिशत LPG पश्चिम एशियाई देशों जैसे सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से आ रहा है। तनाव की वजह से तेल के आयात पर बुरा असर पड़ा है। हालांकि भारत अभी तक रुस से लगातार तेल खरीद रहा है। इसकी वजह से पेट्रोल और डीजल पर तेल ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ा है।
तनावपूर्ण माहौल में गुरुवार को पहली बार तेल व गैस के भंडार को लेकर केंद्र सरकार ने बयान जारी किया। हालांकि आज शाम को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्या संदेश देते हैं, देशभर की निगाहें फिलहाल इसी बात पर टिकी हुई है।
आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान में देश के पास 8 लाख मिट्रीक टन LPG मौजूद है जिससे अगले एक महीने की मांग को पूरा किया जा सकता है। इसके अलावा 800 हजार मिट्रीक टन LPG आयात किया जा रहा है। वहीं अगले 60 दिनों के लिए देश में अपरिशोधित तेल का भंडार मौजूद है।