पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए वामफ्रंट ने अपने प्रत्याशियों की चौथी सूची जारी कर दी है। इस सूची में 7 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित किए गए हैं। इन 7 सीटों पर वामफ्रंट के बड़े सहयोगी सीपीएम ही चुनाव लड़ने वाले हैं।
जिन 7 प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की गयी है उनमें शामिल हैं -
मुर्शिदाबाद का जंगीपुर क्षेत्र - आलोककुमार दास।
मुर्शिदाबाद का रघुनाथगंज क्षेत्र - अबुल हसनात।
नदिया का नक्काशिपाड़ा क्षेत्र - शुक्ला साहा
नदिया का राणाघाट उत्तर-पश्चिम क्षेत्र - देवाशीष चक्रवर्ती
नदिया का राणाघाट उत्तर-पूर्व क्षेत्र - मृणाल विश्वास
पूर्व मेदिनीपुर का एगरा क्षेत्र - सुब्रत पंडा।
बीरभूम का मयुरेश्वर क्षेत्र - जयंत वल्ला।
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दूसरी ओर कैनिंग पूर्व में आईएसएफ (ISF) प्रत्याशी आराबुल इस्लाम को लेकर वामफ्रंट असहज स्थिति में है। सीपीएम आराबुल का समर्थन करेगा या नहीं, इस सवाल के जवाब में सीपीएम के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने कहा कि लिबरेशन और आईएसएफ वामफ्रंट के सहयोगी नहीं हैं। लेकिन भाजपा और तृणमूल को हराने के लिए वामफ्रंट के सहयोगी के रूप में लड़ने का निर्णय लिया गया है।
जिसे हराया जाएगा उसी के साथ गठबंधन करना - यह स्वस्थ राजनीति नहीं हो सकती। सीपीएम और वामफ्रंट इसे मंजूरी नहीं देता है। पिछले 15 सालों में जिन्होंने घर, ऑफिस जलाए, लोगों की हत्या की, पंचायत चुनाव के दौरान आईएसएफ के कार्यकर्ता की हत्या की, उनके बीच वोटिंग के समय एक पार्टी से दूसरी पार्टी में जाने से जनता को कोई लाभ नहीं मिलेगा।
मोहम्मद सलीम ने सीधे आराबुल इस्लाम का नाम तो नहीं लिया लेकिन यह स्पष्ट कर दिया कि वे आईएसएफ के इस उम्मीदवार का समर्थन नहीं कर रहे हैं। सलीम ने कहा कि यह किसी व्यक्ति विशेष का मामला नहीं है। कचरा एक डस्टबिन से दूसरे डस्टबिन में जाने से साफ नहीं होता। यहां कोई वॉशिंग मशीन नहीं है। यह बात हमने (आईएसएफ) को बता चुके हैं।