हर साल की तरह इस साल भी Earth Hour का आयोजन किया जाने वाला है। इस साल Earth Hour का 20वां साल मनाया जा रहा है। एक तरफ जब देश भर में एनर्जी लॉकडाउन (Energy Lockdown) की सुगबुगाहट तेज हो रही है, ऐसे समय में Earth Hour को मनाना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हर साल 28 मार्च की रात को 8.30 बजे (स्थानीय समयानुसार) Earth Hour मनाया जाता है।
Earth Hour की शुरुआत वर्ष 2007 में की गयी थी। पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लेने की दिशा में प्रतीकात्मक रूप से ठीक 8.30 बजे कुछ समय के लिए लाइट्स को बंद कर दिया जाता है। इसमें देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी लाखों की संख्या में लोग हिस्सा लेते हैं जो अपने-अपने घरों की बत्तियों को बुझा देते हैं। इस अभियान में हर साल आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) भी हिस्सा लेता है जो अपने अधीनस्थ स्मारकों की बत्तियां भी बुझा देता है।
इस साल भी 28 मार्च (रविवार) को रात को 8.30 से 9.30 बजे के लिए देश भर के 32 ASI स्मारकों की बत्तियों को बुझा दिया जाएगा।
विक्टोरिया मेमोरियल ANI कौन-कौन से स्मारक Earth Hour में लेंगे हिस्सा?
दिल्ली - अक्षरधाम, इंडिया गेट, कुतुब मीनार, लाल किला, हुमायूं का मकबरा, जंतर मंतर, सफदरजंग मकबरा।
कोलकाता - रवींद्र सेतु (हावड़ा ब्रिज), विद्यासागर सेतु (द्वितीय हुगली ब्रिज), विक्टोरिया मेमोरियल, टाटा सेंटर, लोक भवन, विक्टोरिया हाउस।
मुंबई - गेटवे ऑफ इंडिया, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, बीएमसी मुख्यालय।
राजस्थान - मॉनसून पैलेस।
तमिलनाडु - रिपॉन बिल्डिंग, विक्टोरिया पब्लिक हॉल और नपियर ब्रिज।
तेलंगाना - डॉ. बी. आर. अम्बेडकर तेलंगाना स्टेट सेक्रेटरियट, स्टेट म्यूजियम, गोलकोंडा फोर्ट, राज भवन, चारमीनार, टंक बंड की बुद्ध मूर्ति।
लद्दाख - शांति स्तूप।
केरल - केरल विधानसभा और कनककुप्पु पैलेस।
कर्नाटक - मैसूर पैलेस।