🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

ईरान ने दुबई में अमेरिकी ठिकानों पर दागी मिसाइलें, तनाव बढ़ा

ईरानी दावा: दुबई में दो अमेरिकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल और ड्रोन हमले।

By श्वेता सिंह

Mar 28, 2026 16:58 IST

तेहरानः ईरान ने शनिवार को दावा किया कि उसने दुबई में दो अमेरिकी सेना के "हाइडआउट" पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। ईरानी राज्य मीडिया फर्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, इन ठिकानों में अमेरिकी सैनिकों ने पहले ईरान के क्षेत्रीय ठिकानों पर हमलों के बाद शरण ली थी।

ईरानी केंद्रीय मुख्यालय हजरत खतम अल-अनबिया के एक प्रवक्ता ने बताया कि पहले हाइडआउट में लगभग 400 और दूसरे में लगभग 100 अमेरिकी सैनिक मौजूद थे। ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इन स्थानों की पहचान कर लक्षित हमले किए और भारी नुकसान पहुंचाया।

प्रवक्ता ने कहा, "ट्रम्प और अमेरिकी सेना के कमांडरों को पूरी तरह समझ लेना चाहिए कि यह क्षेत्र अमेरिकी सैनिकों के लिए कब्रगाह बन जाएगा। उनके पास ईरान की बहादुर सेनाओं और वीर जनता के सामने आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।"

इसी बीच, पेंटागन ने मध्य पूर्व में अपनी 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के सैनिकों को तैनात करने की योजना बनाई है। CBS ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि इसमें कमांड यूनिट और कुछ ग्राउंड फोर्सेज शामिल होंगी।

संभावित रूप से अमेरिकी सेना खार्ग द्वीप पर ग्राउंड ऑपरेशन की योजना भी बना रही है। वहीं, ईरान ने द्वीप के चारों ओर अतिरिक्त सैनिकों को तैनात किया और मिन्स (खानों) बिछाना शुरू कर दिया है। CNN ने बताया कि ईरान ने द्वीप के आस-पास एंटी-पर्सनल और एंटी-आर्मर माइनें लगाई हैं, जिससे अमेरिकी सैनिकों का संभावित अम्फीबियस लैंडिंग मुश्किल हो जाए।

खार्ग द्वीप ईरान के कुल कच्चे तेल के लगभग 90% निर्यात को संभालता है। ट्रम्प प्रशासन इस द्वीप को अपने नियंत्रण में लेकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के लिए दबाव बनाने पर विचार कर रहा है।

पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव

ये घटनाक्रम पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच आए हैं। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ती सुलगती स्थिति से क्षेत्रीय और वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका है। अमेरिकी और ईरानी दोनों पक्षों की सेनाएं स्थिति के अनुसार रणनीति बना रही हैं। विश्लेषकों का कहना है कि खार्ग द्वीप पर संभावित संघर्ष से वैश्विक तेल बाजार में तेजी और सुरक्षा चिंताओं में वृद्धि हो सकती है।

Articles you may like: