राम नवमी वाले दिन राज्य के कई जिलों से अशांति की खबरें आयी हैं। इसके बाद से ही प्रशासनिक तत्परता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। राज्य में विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद से ही कई अधिकारियों का तबादला किया जा चुका है। इसके बाद भी क्यों अशांति फैली? इस घटना को लेकर अपनी चिंता जाहिर करते हुए तृणमूल सांसद व पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने पोस्ट किया है।
अपने X हैंडल पर पोस्ट कर अभिषेक बनर्जी ने लिखा है कि चुनाव की घोषणा के तुरंत बाद आयोग ने बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव किया। इसकी वजह से मुख्यसचिव, गृह सचिव, डीजीपी, एडीजी, आईजी, एसपी, डीएम, कोलकाता पुलिस कमिश्नर से लेकर केएमसी (कोलकाता नगर पालिका) के कमिश्नर को भी हटा दिया गया।
ऐसे अभूतपूर्व हस्तक्षेप के उद्देश्य एवं समयकाल को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इसके बाद जो कुछ हुआ उसने चिंता और भी बढ़ा दी है। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाते हुए कहा कि इस बदलाव की वजह से डराना-धमकाना और हिंसात्मक घटनाएं और भी बढ़ती जा रही है।
This is the kind of “PARIVARTAN” the BJP seeks to impose on the soil of Bengal. Immediately after the announcement of elections, the @ECISVEEP initiated sweeping administrative changes- replacing the Chief Secretary, Home Secretary, DGP, ADGs, IGs, SPs, DMs, the Kolkata Police… pic.twitter.com/wjjsclm92S
— Abhishek Banerjee (@abhishekaitc) March 28, 2026
शुक्रवार को मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज थाना क्षेत्र में राम नवमी को केंद्र कर हंगामा मचा। दो समूहों के बीच हुए संघर्ष में काफी लोगों के घायल होने की जानकारी मिली है। कई जगहों पर बीएनएसएस की धारा 163 (पहले वाली धारा 144) लागू कर दी गयी है।
अभिषेक बनर्जी ने अपने पोस्ट में लिखा है कि दुकानों में तोड़फोड़ की जा रही है। धर्म के नाम पर तनाव बढ़ाने और आम लोगों को परेशानी की ओर ढकेला जा रहा है। हमें किसी 'बुलडोजर मॉडल' की जरूरत नहीं है। हमें बाहर से मंगाया गयी घृणा और हिंसा की राजनीति की जरूरत भी नहीं है। सांसद का आरोप है कि राज्य में सभी त्योहारों को बिना किसी डर-भय के मनाया जाता है। किसी भी मामले में कोई हिंसा नहीं होती है। लेकिन पिछले कुछ दिनों में तस्वीर ही बदल गयी है।
अभिषेक बनर्जी का आरोप है कि पिछले मात्र कुछ दिनों में हमने 'परिवर्तन' की वह चिंताजनक झलक को देखी जिसे क्रांतिकारियों की इस पुण्य भूमि पर जबरदस्ती थोपने की कोशिश की जा रही है।