रामनवमी की रैली के दौरान हमले और जवाबी हमले के आरोपों के बीच मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज रणक्षेत्र बन गया है। रानीगंज में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। इतना ही नहीं उन्होंने बेहला में भी दुकानों में तोड़फोड़ की घटना को लेकर भी अपनी नाराजगी जताई। भाजपा और चुनाव आयोग दोनों को निशाने पर लेते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि आप लोग मुझे दोष मत दीजिए। मेरे सारे अधिकार छीन लिए गए हैं और अपने हिसाब से अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
रघुनाथगंज मामले में ममता बनर्जी का बयान
रामनवमी के मौके पर रघुनाथगंज में बने तनावपुर्ण माहौल को लेकर ममता बनर्जी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने अशांति फैलाने का आरोप भाजपा पर लगाते हुए कहा कि मेरे हाथों से लोगों को हटा दिया गया है। दुःखद बात है कि राम नवमी हमारे बच्चे भी मनाते हैं।
शिवरात्रि, दुर्गापूजा, छठ पूजा, काली पूजा - सभी त्योहार मनाएं जाते हैं लेकिन कहीं हिंसा नहीं होती। रामनवमी पर रैली निकालो, मुझे को आपत्ति नहीं है। मैंने क्यों जगन्नाथ धाम बनवाया है? क्या बहुत पाप किया है? रोज सवाल पूछे जाते हैं। पूछिए कि रघुनाथगंज में किसी के घर में तोड़फोड़ करने का अधिकार किसने दिया? रैली से निकलकर दुकानों में लूटपाट किया है। किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा। जनता ही न्याय करेगी।
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गौरतलब है कि राम नवमी की रैली को केंद्र तक रघुनाथपुर में माहौल तनावपूर्ण हो गए। घरों में तोड़फोड़, आगजनी के आरोप लगे हैं। दावा किया जा रहा है कि इस घटना में कम से कम 40 लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने RSS नेता समेत 30 लोगों को गिरफ्तार किया है।
इतना ही नहीं रामनवमी पर अलग-अलग जिलों में फैली अशांति को लेकर भी ममता बनर्जी ने अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने इसके लिए चुनाव आयोग के अधिकारियों और पुलिस में किए गए फेरबदल को जिम्मेदार ठहराया। तृणमूल सुप्रीमो ने आरोप लगाया कि रामनवमी की रैलियों में हथियार लेकर जुलूस निकाले गए लेकिन उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
उन्होंने कहा कि परसों सिउड़ी में बंदूक लहराते हुए रैली निकाली गई। प्रशासन कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा? मुझसे सब कुछ छीन लिया गया है। छांट-छांट कर अपने लोगों की नियुक्ति की गई है। वे नहीं जानते कि जितना भी छांट लें, बंगाल में हम ही रहेंगे।
बेहला में दुकानों में तोड़फोड़ पर मांगी माफी
राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। बेहला में दुकानों में तोड़फोड़ की घटना को लेकर उन्होंने आयोग की कड़ी आलोचना की और प्रभावित लोगों से माफी भी मांगी। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बॉबी (फिरहाद हकीम) भले ही कोलकाता के मेयर हैं लेकिन सभी नियुक्तियां आयोग ने की हैं। शुक्रवार को बेहला में कई दुकानों में तोड़फोड़ की गयी। मैं इसके लिए माफी मांगती हूं।
जिन दुकानों को बुलडोजर से तोड़ा गया है, मैं उन्हें फिर से बनवाऊंगी। यह हमारे निर्देश पर नहीं किया गया है। ये लोग हमेशा नहीं रहेंगे। इनके वापस जाते हैं हम फिर से पहले जैसा सब कुछ बना देंगे। ये सबको हटाकर बुलडोजर चला रहे हैं और मनमानी कर रहे हैं। चुनी हुई मुख्यमंत्री होने के बावजूद मेरे सारे अधिकार छीन लिए गए हैं। केंद्र सरकार के दो ‘शैतान’ मिलकर बंगाल पर अत्याचार कर रहे हैं। अगर ये यहां आने की कोशिश करेंगे तो लोग इन्हें खदेड़ देंगे।
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जनता का वोट काटने के लिए किया जा रहा SIR
रानीगंज की चुनावी सभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने SIR को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि मतदाताओं के वोट काटने के लिए SIR लाया गया है। यही आपलोगों के लिए ‘मृत्युबाण’ बनेगा। बंगाल का नुकसान करने की कोशिश में आप देश की सत्ता खो बैठोगे। मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अब तक पहली सप्लीमेंट्री सूची से जुड़ी जानकारियां भी नहीं दी गई है।
उन्होंने कहा कि हर बूथ से यह सुनने में आ रहा है कि अगर 500 नाम हैं तो 400 नाम हटा दिए गए। यह क्या हो रहा है? भाजपा हर सीमा पार कर रही है। ममता ने आगे कहा कि नरेंद्र (संभवतः भाजपा नेता) ने कहा एक करोड़, मैंने कहा एक करोड़ 20 लाख। पहले ही 58 लाख नाम हटा दिए गए, फिर 60 लाख को ‘लॉजिस्टिकल डिस्क्रिपेंसी’ बता दिया गया। मतल किसी लड़की की शादी हुई और उसका सरनेम बदल गया तो उसे भी डिस्क्रिपेंसी मान लिया गया।
मेरे नाम की स्पेलिंग मैं कई तरह से लिख सकती हूं, यह मेरा अधिकार है। लेकिन भाजपा की ‘वैनिश आयोग’ ने AI के जरिए नामों में गड़बड़ी कर दी है। यहां तक कि जजों के नाम भी विवाद में हैं। आज तक यह नहीं बताया गया कि किसका नाम है और किसका नहीं। जिनका नाम नहीं है, उन्हें ट्रिब्यूनल जाना पड़ रहा है।
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर अधिकारियों के फेरबदल को लेकर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा की ‘वैनिश आयोग’ ने अधिकारियों को बदल दिया। यहां तक कि जो अधिकारी इलाके को अच्छी तरह जानते थे, उन्हें तमिलनाडु से केरल तक भेज दिया गया। इसका मतलब साफ है कि यहां गुंडा घुसे, ड्रग्स आए और पैसा घुसाया जा सके। इसलिए जो अधिकारी अभी जिम्मेदारी में हैं, उन्हें मैं कहूंगी कि जनता का ख्याल रखें। मुझे देखने की जरूरत नहीं है।