गांधीनगरः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) 31 मार्च को गुजरात दौरे पर जाएंगे। इस दौरान वे राज्य में औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने वाली कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इसे “विकसित गुजरात” के जरिए “विकसित भारत” के लक्ष्य को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
अहमदाबाद का साणंद औद्योगिक क्षेत्र तेजी से एक बड़े औद्योगिक हब के रूप में उभरा है। करीब 2,056 हेक्टेयर में फैले इस क्षेत्र में 1,150 से अधिक औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं, जिनमें सेमीकंडक्टर, ऑटोमोबाइल और फार्मा जैसे आधुनिक उद्योग शामिल हैं। प्रधानमंत्री यहां गुजरात इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (GIDC) की लगभग 271.20 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, जिससे इस क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को और मजबूती मिलेगी।
साणंद में लंबे समय से मानसून के दौरान जलभराव की समस्या रहती थी। इसे दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर ड्रेनेज सिस्टम तैयार किया गया है। इसके तहत 18.71 किलोमीटर लंबी आरसीसी स्टॉर्म वाटर ड्रेन बनाई गई है, जिससे क्षेत्र के अंदर और आसपास के पानी की निकासी आसान होगी। इसके अलावा साणंद-विरमगाम हाईवे के पास 18.35 किलोमीटर लंबा अतिरिक्त ड्रेनेज नेटवर्क भी विकसित किया गया है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद साणंद को ‘जीरो वॉटर लॉगिंग’ जोन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, जिससे बारिश के समय उद्योगों के कामकाज में रुकावट कम होगी।
इसके साथ ही, गुजरात के पुराने औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल नरोदा इंडस्ट्रियल एस्टेट को भी आधुनिक सुविधाओं से अपग्रेड किया गया है। वर्ष 1963 में स्थापित इस एस्टेट में करीब 27.20 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए गए हैं। इसमें सड़कों को चौड़ा और मजबूत करना, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम विकसित करना, प्राकृतिक नालों को व्यवस्थित करना, और लगभग 1.19 लाख वर्गमीटर क्षेत्र में फुटपाथ व पार्किंग सुविधाएं तैयार करना शामिल है। इसके अलावा स्ट्रीट लाइट, हाई-मास्ट लाइट, सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षा केबिन और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं।
इन परियोजनाओं के शुरू होने से साणंद और नरोदा क्षेत्र के हजारों छोटे और बड़े उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर सड़क, जल निकासी और सुरक्षा व्यवस्था से माल की आवाजाही आसान होगी, उत्पादन में तेजी आएगी और निवेश का माहौल भी मजबूत होगा।