जयपुरः राजस्थान का कोटा, जिसे देश का सबसे बड़ा इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी का हब माना जाता है, एक बार फिर पटरी पर लौटता दिख रहा है। पिछले कुछ सालों की मंदी के बाद अब यहां छात्रों की संख्या में अच्छा खासा इज़ाफा देखने को मिल रहा है। 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए शुरुआती आंकड़े बताते हैं कि कोचिंग संस्थानों में दाखिले 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़े हैं।
दरअसल, 2023 से 2025 के बीच कोटा के कोचिंग सेक्टर में बड़ी गिरावट आई थी। पहले जहां हर साल करीब 2.5 लाख छात्र यहां पढ़ने आते थे और 6,500 से 7,000 करोड़ रुपये का कारोबार होता था, वहीं यह संख्या घटकर 85 हजार से 1 लाख के बीच रह गई थी। इससे कारोबार भी लगभग आधा होकर 3,500 करोड़ रुपये तक सिमट गया था।
लेकिन अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं। 25 मार्च से शुरू हुए नए बैचों के दौरान देशभर से बड़ी संख्या में छात्र और अभिभावक कोटा पहुंचे। इससे यह साफ संकेत मिला है कि लोगों का भरोसा एक बार फिर इस शहर की शिक्षा व्यवस्था पर बढ़ रहा है। दाखिला प्रक्रिया 2 अप्रैल तक जारी है और शुरुआती रुझान काफी उत्साहजनक बताए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों में भी इस बदलाव को लेकर उम्मीद जगी है। कोटा स्टेशन एरिया ऑटो यूनियन के अध्यक्ष फिरोज खान ने कहा कि वे पुराने अच्छे दिनों की वापसी की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं कोटा-बुंदी से सांसद और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिर्ला ने भी कहा कि शहर छात्रों के लिए सुरक्षित और सहयोगी माहौल देने के लिए प्रतिबद्ध है और सभी लोगों से छात्रों का सहयोग करने की अपील की है।
पिछले 40 सालों में कोटा ने लाखों छात्रों को आईआईटी और मेडिकल जैसी कठिन परीक्षाओं में सफलता दिलाने में मदद की है। इस साल भी इसका प्रदर्शन शानदार रहा। जेईई मेन के जनवरी सत्र में 100 पर्सेंटाइल पाने वाले 12 छात्रों में से 8 कोटा के संस्थानों से थे। इसके अलावा पिछले दो वर्षों में आईआईटी-जेईई में ऑल इंडिया रैंक 1 भी कोटा के छात्रों ने हासिल की है।
कोटा में पढ़ने वाले छात्रों के लिए रहने की भी अच्छी व्यवस्था है। यहां करीब 4,000 हॉस्टल और 45,000 से ज्यादा पीजी उपलब्ध हैं, जहां बजट से लेकर प्रीमियम तक हर तरह के विकल्प मिलते हैं। साथ ही करीब 35 बड़े कोचिंग संस्थान प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराते हैं।
कोटा हॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन मित्तल का कहना है कि इस बार छात्रों की भीड़ उम्मीद से ज्यादा है, जो इस बात का संकेत है कि माता-पिता और छात्रों का भरोसा फिर से मजबूत हो रहा है। हालांकि, उन्होंने हॉस्टल मालिकों से किराया न बढ़ाने की भी अपील की है ताकि छात्रों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
देश के अलग-अलग हिस्सों से आए अभिभावकों और छात्रों ने भी कोटा के माहौल की तारीफ की है। उनका मानना है कि यहां का प्रतिस्पर्धी वातावरण और पढ़ाई का माहौल छात्रों को लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है।
इसके साथ ही शहर में पेरेंटिंग और ओरिएंटेशन सेशन भी बढ़ गए हैं, जहां छात्रों को तनाव से निपटने, समय प्रबंधन और मोटिवेशन जैसी जरूरी चीजों पर मार्गदर्शन दिया जा रहा है।कुल मिलाकर, कोटा का कोचिंग सेक्टर एक बार फिर तेजी से उभरता नजर आ रहा है। अगर यही रफ्तार बनी रही, तो आने वाले समय में न सिर्फ शिक्षा क्षेत्र बल्कि शहर की पूरी अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती दिखेगी।