पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने सोमवार को पटना यूनिवर्सिटी (Patna University) में नवनिर्मित प्रशासनिक भवन और आर्ट्स फैकल्टी भवन का उद्घाटन किया। इन दोनों भवनों का निर्माण लगभग 147.29 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, नीतीश कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा और प्रशासनिक कार्य अधिक व्यवस्थित ढंग से संचालित किए जा सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि नए भवनों से छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, शिक्षा मंत्री सुनील कुमार सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
उद्घाटन के बीच छात्रों का विरोध
कार्यक्रम के दौरान छात्र संघ से जुड़े नेताओं और कुछ छात्रों ने विरोध प्रदर्शन भी किया। उन्होंने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री सुनील कुमार के खिलाफ नारेबाजी की।
छात्रों का आरोप था कि विश्वविद्यालय के कुलपति अजय कुमार सिंह (Ajay Kumar Singh) को कार्यक्रम में औपचारिक रूप से आमंत्रित नहीं किया गया और उद्घाटन पट्टिका पर उनका नाम भी शामिल नहीं किया गया।
छात्र संघ ने उठाए सवाल
पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ (PUSU) के अध्यक्ष शांतनु शेखर ने कहा कि कुलपति को नजरअंदाज करना गलत है, इसलिए वे विरोध करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय की गरिमा से जुड़ा मामला है।
वहीं, कुलपति अजय कुमार सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कार्यक्रम की सूचना कम समय में दी गई थी और मोबाइल के माध्यम से संपर्क किया गया। उन्होंने बताया कि छात्रों की चिंताओं को दूर करने का आश्वासन दिया गया है।
बुनियादी ढांचे के विकास पर सरकार का जोर
सरकार का मानना है कि नए भवनों के निर्माण से विश्वविद्यालय की प्रशासनिक क्षमता मजबूत होगी और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिलेंगी। हालांकि, उद्घाटन समारोह के दौरान उठा विवाद यह संकेत देता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच संवाद को और बेहतर बनाने की जरूरत है।