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Bengal Election : 'पहली चार्जशीट मोदी-शाह पर होनी चाहिए', तबादले से लेकर SIR तक, ममता बनर्जी का भाजपा पर हमला

अपनी सभा से ममता बनर्जी ने भाजपा की चार्जशीट से लेकर SIR में नाम हटाने के मुद्दे तक पर उन्होंने हमला बोला। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी के नेताओं को अनुशासन में रहने की सख्त हिदायत भी दी।

By Elina Dutta, Moumita Bhattacharya

Mar 30, 2026 16:56 IST

पश्चिम बंगाल में आदर्श आचार संहिता के लागू होने के बाद लगातार हो रहे प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले को लेकर तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने एक बार फिर से अपनी नाराजगी जाहिर की है। सोमवार को भाजपा और चुनाव आयोग पर नारायणगढ़ की सभा से तंज कसते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि अगर लोग इतना प्यार ही करते हैं तो इतना डर क्यों है? प्रशासन को क्यों बांट रहे हैं?

गौरतलब है कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद से अब तक लगातार प्रशासनिक अधिकारियों का स्थानांतरण किया जा रहा है। लेकिन एक ही दिन में रिकॉर्ड 267 अधिकारियों के तबादले के बाद हाई कोर्ट में तृणमूल सांसद व वकील कल्याण बनर्जी ने मामला दायर किया है।

अपनी सभा से ममता बनर्जी ने भाजपा की चार्जशीट से लेकर SIR में नाम हटाने के मुद्दे तक पर उन्होंने हमला बोला। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी के नेताओं को अनुशासन में रहने की सख्त हिदायत भी दी।

प्रशासनिक तबादलों पर जतायी नाराजगी

नारायणगढ़ की सभा से ही ममता बनर्जी ने भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। पुलिस से लेकर राज्य प्रशासन तक के अधिकारियों के लगातार हो रहे तबादलों पर उन्होंने कटाक्ष किया। ममता बनर्जी ने कहा कि प्रशासन में इस तरह का बंटवारा पहले कभी नहीं था। जो अधिकारी अच्छा काम करते थे, जो हमारे एसेट थे, ऐसे-ऐसे अच्छे अधिकारियों को हटाया जा रहा है। इतनी स्वेच्छाचारिता तो मैंने अपने जीवन में नहीं देखी।

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IPS-IAS में बंटवारा, राज्य पुलिस में बंटवारा - कौन RSS का सदस्य है, कौन भाजपा का सदस्य है, कौन उनके रिश्तेदार हैं, यही देखा जा रहा है। अपने लोगों को लाकर सोच रहे हैं कि तृणमूल को दबा कर रख सकेंगे लेकिन असर इसका उल्टा होगा। जनता एक भी वोट नहीं देगी।

इतना ही नहीं SIR के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग को अपने निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि वे कह रहे हैं कि मतदाता सूची की चार सप्लिमेंट्री लिस्ट जारी हो चुकी है लेकिन मैंने एक भी नहीं देखी। यह एक साजिश है। आदिवासी और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के नाम जानबूझकर हटाए गए हैं।

उनका लक्ष्य बंगाल को ही खत्म करना है। ममता बनर्जी का आरोप है कि भाजपा के कहने पर चुनाव आयोग चुन-चुनकर विशेष समुदाय के लोगों के नाम हटा रहा है। साथ ही उन्होंने दावा किया इसके बावजूद राज्य में भाजपा के चुनाव जीतने की कोई संभावना नहीं है।

भाजपा की चार्जशीट पर कटाक्ष

शनिवार को कोलकाता आकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने तृणमूल के खिलाफ कई चरणों में चार्जशीट पेश की थी। इस कार्यक्रम की कड़ी आलोचना करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि अब हमारे खिलाफ चार्जशीट निकाली जा रही है। मैं कहती हूं, पहली चार्जशीट तो नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ होनी चाहिए। वे अशांति फैलाकर सत्ता में आए हैं। इतना बुरा और अत्याचारी पार्टी मैंने नहीं देखा।

भीख या भत्ता नहीं है युवासाथी

राज्य सरकार की विभिन्न परियोजनाओं जैसे युवसाथी से लेकर लक्ष्मी भंडार तक को विपक्षी पार्टियां भीख अथवा भत्ता कहकर तृणमूल पर निशाना साध रही है। ममता बनर्जी ने इसका तीखा जवाब देते हुए कहा कि इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य लोगों को जीवनभर सम्मान के साथ जीने का मौका प्रदान करना है।

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युवासाथी कोई भीख या भत्ता नहीं है बल्कि यह छात्रों को दिया जाने वाला पॉकेट खर्च है। माध्यमिक पास कर कॉलेज में जाने वाले छात्रों को खर्च के लिए कुछ रुपयों की जरूरत तो होगी। यह बोझ माता-पिता पर न पड़े इसे ही सुनिश्चित करने की कोशिश की गयी है।

ममता बनर्जी ने आगे कहा कि पहले परिवारों को अपनी बेटियों की शादी को लेकर चिंता होती थी लेकिन राज्य में अब स्थिति बदल गयी है। अब लड़कियां चिंता का कारण नहीं है। कन्याश्री, रुपश्री, ऐकश्री और मेधाश्री जैसी परियोजना का लाभ बेटियों को मिल रहा है। 9वीं कक्षा में पहुंचते ही बेटियों को मुफ्त साइकिल और स्मार्टफोन की सुविधा भी मिल रही है।

बर्दाश्त नहीं किया जाएगा पार्टी में असंतोष

सभा से ममता बनर्जी ने सिर्फ विपक्ष ही नहीं, बल्कि तृणमूल के नेता-कार्यकर्ताओं को भी कड़ा संदेश दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि टिकट न मिलने पर असंतोष बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नारायणगढ़ में चुनावी प्रचार के दौरान उन्होंने कहा कि एक बार टिकट मिला है। अगली बार मिल भी सकता है या नहीं भी मिल सकता है।

अगर कोई सोचता है कि पूरी जिंदगी मैं अकेला ही रहूंगा और कोई नहीं रहेगा तो यह गलत है। टिकट नहीं मिला तो अगले दिन से पार्टी के खिलाफ काम करेंगे - यह नहीं चलेगा। जो लोग जनता के साथ जुड़े रहेंगे, उन्हें ही टिकट दिया जाएगा। और अगर नहीं भी मिला तो उसमें नाराज होने की कोई बात नहीं। मैंने किसी का अपमान नहीं किया।

नारायणगढ़ में उम्मीदवार बदलने के फैसले को लेकर उन्होंने कहा कि यहां से पिछले उम्मीदवार को टिकट नहीं दे पाए। दूसरों को भी मौका देना है। कभी-कभी अल्पसंख्यकों और महिलाओं को भी अवसर देना जरूरी है। उन्होंने सभी से एकजुट होकर काम करने का संदेश दिया।

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