नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने आम लोगों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘पीएम ई-ड्राइव’ योजना के तहत नई गाइडलाइंस जारी की हैं। लगभग 10 हजार 900 करोड़ रुपये के इस कार्यक्रम में इलेक्ट्रिक दोपहिया और तीनपहिया वाहनों के लिए सब्सिडी की अवधि और कीमत की सीमा तय कर दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे खरीदारों और विक्रेताओं दोनों को फायदा मिलेगा।
नई व्यवस्था के अनुसार इस साल 31 जुलाई तक रजिस्टर होने वाले इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन ही सब्सिडी के पात्र होंगे। वहीं ई-रिक्शा और ई-कार्ट जैसे तीनपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए यह समयसीमा 31 मार्च 2028 तक निर्धारित की गई है। यानी तीनपहिया वाहनों को योजना की पूरी अवधि तक लाभ मिलेगा, जबकि दोपहिया के लिए अवधि अपेक्षाकृत कम रखी गई है।
इसके साथ ही सब्सिडी के लिए वाहनों की अधिकतम कीमत भी तय की गई है। नियमों के तहत फैक्ट्री स्तर पर 1.5 लाख रुपये तक के इलेक्ट्रिक दोपहिया और 2.5 लाख रुपये तक के तीनपहिया वाहन ही इस योजना में शामिल होंगे। इससे महंगे मॉडल इस दायरे से बाहर रहेंगे और किफायती विकल्पों पर अधिक ध्यान दिया जाएगा।
भारी उद्योग मंत्रालय के मुताबिक इस योजना के लिए एक निश्चित बजट निर्धारित है। यदि आवंटित राशि समय से पहले खत्म हो जाती है, तो योजना या उसके किसी हिस्से को पहले ही बंद किया जा सकता है और नए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। ऐसे में इच्छुक खरीदारों को समय रहते निर्णय लेने की सलाह दी गई है।
इस योजना के अंतर्गत करीब 24 लाख 79 हजार 120 इलेक्ट्रिक दोपहिया और 39 हजार 34 इलेक्ट्रिक तीनपहिया वाहनों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।